रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन एल ख्यिांगते को सीआईडी ने पूछताछ के लिए आज मंगलवार को बुलाया है। सीआईडी ने सोमवार को पूर्व अध्यक्ष को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए मंगलवार को उपस्थित होने को कहा था. पूर्व अध्यक्ष से 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के साथ उनके संबंधों को लेकर उनसे पूछताछ की जायेगी।
Highlights:
रिमांड पर लेकर हुई पूछताछ
इससे पहले आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, बीएसओ अभय तिवारी समेत अन्य गिरफ्तार लोगों को रिमांड पर लेकर सीआईडी विस्तृत पूछताछ कर चुकी है। उप परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि जेपीएससी में जो कुछ हो रहा था, उनकी पूरी जानकारी आयोग के अध्यक्ष को थी।
इसे भी पढ़ें: पेपर लीक से जुड़े ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर लोकसभा में आज होगी चर्चा
सीआईडी की निष्पक्ष जांच पर भरोसा
इधर सोमवार को सीआईडी झारखंड का पूछताछ को लेकर मिले नोटिस पर जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने कहा कि उन्हें जांच एजेंसी पर पूरा भरोसा है और सीआईडी जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि सीआईडी ने उनसे जो भी जानकारी मांगी थी, उन्होंने पूरी ईमानदारी से उपलब्ध करा दी है। जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके। बता दें कि इस पूछताछ से पहले बीते 23 जुलाई को सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष के सरकारी आवास में छापेमारी कर कई दस्तावेज व कागजात बरामद किए थे।
21 जुलाई को दिया था इस्तीफा
इससे पहले बीते 21 जुलाई 2026 को सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए थे। उसी दिन देर शाम एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने कांके रोड स्थित उनके आवास और कार्यालय में भी तलाशी लेकर पूछताछ की थी।
इस बहुचर्चित मामले में सीआईडी अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बाबूलाल मरांडी का दावा, थी पूरी जानकारी
इधर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने बीते रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया था कि जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की पूरी जानकारी पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को थी. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के एक छात्र ने इस साल के शुरू में जनवरी में ही तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को पत्र लिखकर OMR शीट में गड़बड़ी और TDPL के कर्मचारी अभय तिवारी की कारस्तानी के संबंध में बतलाया था। इसके पूर्व रेंज अफसर की परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी भी उन्हें थी। दोनों मामलों में उन्होंने कुछ भी कार्रवाई नहीं की।
बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि केवल इस्तीफा देकर वे कैसे मुक्त हो सकते हैं? उन्होंने राज्य सरकार से एल. ख्यांग्ते के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की थी. बाबूलाल मरांडी ने पूर्व मुख्य परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए।


