Tuesday, July 28, 2026

नीट विरोध प्रदर्शन: 26 जुलाई शाम 6 बजे तक दर्ज सभी एफ़आईआर वापस लेगी बिहार सरकार, सीजेपी ने ये कहा

पटना: बिहार सरकार के गृह विभाग ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को राहत देने का एलान किया है. सरकार ने कहा है कि 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक राज्यभर में प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.

इसे भी पढ़ें : झारखंड पुलिस और CRPF के सामने 15 लाख इनामी समेत 24 हार्डकोर नक्सली 11 आधुनिक हथियार के साथ आज करेंगे सरेंडर

गृह विभाग ने जारी किया आदेश

HOPuiOwb0AAy7PD

गृह विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, “26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण दर्ज की गई सभी एफ़आईआर, आपराधिक शिकायतों और कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज़ नोटिस) को वापस लेने की क़ानूनी प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी.” सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि तक दर्ज मामलों में गिरफ़्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा.

बयान में कहा गया है कि 26 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक दर्ज इन मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ भविष्य में भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.

सीजेपी की आई प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफ़आईआर वापस लेने की गारंटी दी है. सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर 27 जुलाई की देर रात एक वीडियो जारी कर कहा कि पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने उनसे और उनके साथियों से मुलाक़ात की थी.

WhatsApp Image 2026 07 28 at 09.11.10

सौरव दास ने कहा, ”सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात दो-तीन घंटे तक चली. उन्होंने बिहार और असम सरकार के नोटिफ़िकेशन की कॉपी शेयर की, जिसमें प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफ़आईआर वापस लेने की गारंटी दी गई थी. इसमें ये कभी कहा गया है कि भविष्य में उनके ख़िलाफ़ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा. साथ ही हिरासत में लिए गए और गिरफ़्तार सभी लोगों को छोड़ने की बात की गई है.”

”उन्होंने फिर से भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार और बीजेपी और एनडीए शासित दूसरे राज्यों की ओर से गारंटी संबंधी नोटिफ़िकेशन कल तक जारी कर दिए जाएंगे. उम्मीद है कि वही भाषा इस्तेमाल की जाएगी, जिस पर सहमति बनी थी. किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. हम सब इस लड़ाई में साथ हैं.”

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर