Friday, October 30, 2026

पेपर लीक से जुड़े ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर लोकसभा में आज होगी चर्चा

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र में बीते आठ दिनों से चला आ रहा गतिरोध आज मंगलवार को ख़त्म होने की संभावना है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की ओर से पेपर लीक से संबंधित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026′ पर चर्चा होगी। इससे पहले इस विधेयक पर सोमवार को चर्चा के लिए सदन में स्पीकर ओम बिरला ने भरसक प्रयास किए और सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित होने के बाद भी गतिरोध बना हुआ था तो बाद में लोकसभा अध्यक्ष की पहल और सभी दलों के बड़े नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद नए विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति बनी।

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क्यों बना हुआ था गतिरोध?

बता दें कि संसद के दोनों सदनों में मानसून सत्र के शुरुआत के साथ लगातार हंगामा हो रहा था। इसका कारण नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद देशभर में छात्रों का बड़ा आंदोलन हो या फिर उसी आंदोलन में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और उन पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग, विपक्ष लगातार इन मुद्दों को लेकर सदन में केंद्र सरकार पर कई सवाल खड़े करते आया है।

दूसरी ओर राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर सदन में बयान देने की मांग पर अड़े थे। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लेने की मांग उठाई थी। इन मुद्दों को लेकर हुए हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा में कोई भी जरूरी विधायी काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री की पहल

गतिरोध को खत्म करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लगातार सभी दलों से अपील की कि यह मामला देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर राजनीति करने के बजाय गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सभी दलों को भरोसा दिलाया कि सरकार छह घंटे से अधिक समय तक चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और विपक्ष को अपनी बात विस्तार से रखने का पूरा मौका मिलेगा।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि देश की जनता संसद की कार्रवाई देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद सिर्फ कानून पास कराना नहीं है, बल्कि एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था बनाना है जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।

समझिए क्या है नया संशोधन विधेयक?

गौरतलब है कि सरकार ने पेपर लीक और नकल रोकने से जुड़े कड़े कानूनों के तहत यह संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया है। इसका उद्देश्य परीक्षा माफिया पर लगाम लगाना, संगठित पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई करना और प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं का भरोसा फिर से कायम करना है।

अब इस संशोधन विधेयक में नया मोड़ यह है कि जहां सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था में एक बहुत बड़ा सुधार मान रही है, वहीं विपक्ष इसे छात्रों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है। ऐसे में मंगलवार से इस विधेयक पर चर्चा शुरू होने के साथ ही न सिर्फ संसद का गतिरोध खत्म होगा, बल्कि देश में परीक्षा सुधारों को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय बहस की भी शुरुआत होने की उम्मीद है।

एयर नाऊ स्पेशल

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