Tuesday, July 21, 2026

तमिलनाडु, केरल और बंगाल में सत्ता संभालते ही अलग पहचान बनाने में जुटीं नई सरकार

न्यूज डेस्क: देश के कई राज्यों में नई सरकारों ने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुद को अलग दिखाने की कोशिश शुरू कर दी है। तमिलनाडु, केरल और वेस्ट बंगाल में नई सरकारें आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने के लिए कई बड़े फैसले ले रही हैं। इन फैसलों में ट्रैफिक व्यवस्था, महिला सुरक्षा, सरकारी खर्चों में कटौती और जनता से सीधा संवाद जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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तमिलनाडु में सीएम विजय का सादा और सख्त प्रशासन

विजय ने मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरुआती 12 दिनों में कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को साफ निर्देश दिया है कि उनके काफिले के लिए आम लोगों की आवाजाही न रोकी जाए। उनका काफिला अलग लेन से गुजरता है, जबकि बाकी सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य रहता है। महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने सिंगप्पेन फोर्स की शुरुआत की है। इसके अलावा सभी थानों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू रखने और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का आदेश दिया गया है।

शराब बिक्री पर सख्ती और युवा मंत्रियों को मिली जगह

राज्य सरकार ने 21 साल से कम उम्र के लोगों को शराब बेचने पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। साथ ही मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंड के 500 मीटर के दायरे में आने वाली 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश भी दिया गया है। तमिलनाडु की 33 सदस्यीय कैबिनेट में 11 मंत्री 40 साल से कम उम्र के हैं और 32 मंत्री नए चेहरे हैं। सरकार ने आर कुमार को एआई मंत्री नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री विजय रोज सुबह सचिवालय पहुंचकर देर शाम तक काम करते हैं और घर से टिफिन लेकर आने की चर्चा भी हो रही है।

केरल में जनता के लिए खुले सचिवालय और मंत्री आवास

वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार ने सचिवालय और मंत्रियों के आवासों तक आम लोगों की पहुंच आसान कर दी है। अब मंत्रियों को ऑफिस के साथ-साथ घर पर भी लोगों से मिलना होगा। केरल सरकार ने मंत्रियों के सरकारी आवासों के लग्जरी रेनोवेशन पर रोक लगा दी है। केवल जरूरी बदलाव ही किए जाएंगे। नए मंत्री पिछली सरकार की खरीदी गई लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल करने से भी बच रहे हैं। सरकार ने मुख्यमंत्री के काफिले को छोटा करते हुए उसमें केवल दो वाहन रखने का फैसला लिया है। इसे सरकारी खर्च कम करने और सादगी का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।

सिल्वरलाइन परियोजना रद्द

पिछली सरकार की सिल्वरलाइन सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना को रद्द कर दिया गया है। इस परियोजना का पर्यावरण और विस्थापन के मुद्दे पर काफी विरोध हुआ था। सरकार ने आशा वर्करों का मानदेय 3 हजार रुपये बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। इसके साथ ही राज्य में देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्रालय भी बनाया गया है। पी. के. कुन्हालीकुट्टी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। केरल सरकार ने कैबिनेट बैठकों के बाद साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग की परंपरा भी दोबारा शुरू की है, जो पिछली सरकार में बंद हो गई थी।

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी का नया निर्देश

सुवेंदु अधिकारी ने भी पुलिस को निर्देश दिया है कि उनके काफिले के लिए आम वाहनों को न रोका जाए। उन्होंने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार के इस फैसले को जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।

इन राज्यों की नई सरकारें सादगी, पारदर्शिता और जनता से सीधे जुड़ाव के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासनिक फैसलों और नई कार्यशैली के जरिए लोगों के बीच भरोसा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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