नई दिल्ली : शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में ‘पेपर लीक विधेयक संसोधन’ को मंजूरी दे दी गई है. जिसमें पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं. इसमें स्पेशल फॉस्ट ट्रैक कोर्ट के कानूनी वैधता के साथ साथ फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को तीन महीनों में सुनवाई करने और फैसला देने को कहा जाएगा. वहीं पेपर लीक मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माना का प्रावधान होगा. बताया जा रहा है कि पेपर लीक संशोधन विधेयक अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता है. इसे सोमवार के दिन सदन में पेश किये जाने की संभावना है.
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पीएम मोदी का वीडियो संदेश
इससे पहले गुरुवार आधी रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मुद्दो को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि ‘पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है. इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं. गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं.
उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा की जाएगी. इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान भी किया था. जिसमें तुरंत संबंधित विभागीय अधिकारियों को एक्शन लेने के निर्देश दिए थे.


