हजारीबाग : कोयला परिवहन मार्ग पर रंगदारी का नया आतंक खड़ा करने निकले राहुल दुबे गिरोह के मंसूबों पर हजारीबाग पुलिस ने तड़के ही करारा प्रहार किया। केरेडारी थाना क्षेत्र के बुकरू जंगल में शुक्रवार सुबह करीब 3:20 बजे पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में गिरोह के दो सक्रिय सदस्य गिरफ्तार कर लिए गए। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा घेराबंदी के बीच बच निकलने में नाकाम रहा। मौके से एक देसी पिस्तौल, अपाची मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
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पुलिस अधीक्षक अमन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि चंद्रगुप्त कोल खनन परियोजना के परिवहन मार्ग के आसपास अपाची बाइक पर सवार दो अपराधी किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में केरेडारी थाना, पगार ओपी और सशस्त्र बल की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
घेराबंदी के दौरान जैसे ही पुलिस टीम बुकरू गांव के जंगल के पास पहुंची, संदिग्धों ने बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागने की कोशिश की। पीछा किए जाने पर एक अपराधी ने पुलिस टीम पर लगातार तीन राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन जब बदमाश नहीं रुके तो आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी के पैर में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसके साथी को भी जवानों ने चारों ओर से घेरकर दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी पहचान मो. रागिब अफजल और जितेंद्र सोनी के रूप में बताई। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने खुलासा किया कि चंद्रगुप्त कंपनी से लेवी (रंगदारी) नहीं मिलने पर कंपनी और ट्रांसपोर्टरों में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की गई थी। वारदात के बाद गिरोह के पर्चे भी इलाके में फेंके गए थे ताकि भय का माहौल बनाया जा सके।
घायल आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में तत्काल बड़कागांव अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बरामद हथियार और अन्य सामान जब्त कर लिया है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों, रंगदारी नेटवर्क और इसके आर्थिक तंत्र की कड़ियां जोड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


