Friday, July 24, 2026

युवाओं के समर्थन में उतरे हरभजन सिंह, सचिन, सारा अली खान और संजय मांजरेकर, कहा- छात्रों की आवाज़ सुननी होगी

नई दिल्ली : नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था. इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे. इसके बाद बॉलीवुड, क्रिकेट जगत के कई नामचीन लोगों ने छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज़ उठाई है.

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हरभजन सिंह ने कहा

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर खुशी हुई. गतिरोध पर बातचीत और विभाजन पर भरोसा हमेशा बेहतर रास्ता होता है.”

उन्होंने आगे लिखा, “बेहतर शिक्षा का सपना देखने वाला हर छात्र एक मज़बूत भारत का सपना देख रहा है. हमें उनकी बात सहानुभूति के साथ सुननी चाहिए, बातचीत के ज़रिए आगे बढ़ना चाहिए और मिलकर स्थायी समाधान तलाशना चाहिए. हमारे युवा इससे कम के हकदार नहीं हैं.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे, जो हमारे युवाओं और देश, दोनों के हित में सबसे बेहतर होगा.”

मेहनत को मिलना चाहिए सम्मान

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी है.

उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा, “मेरे पिता प्रोफे़सर थे और कई युवा स्टूडेंट्स के मार्गदर्शक रहे थे.” सचिन तेंदुलकर ने लिखा, ‘मेरे पिता ने मुझे बचपन से एक सीख दी थी, असफल होना ठीक है, लेकिन धोखा देना ठीक नहीं है. कभी भी शॉर्टकट मत अपनाना.”

उन्होंने कहा कि समाज के तौर पर हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम ऐसी संस्कृति बनाएं, जहां मेहनत को नतीजों से ज्यादा महत्व मिले. अगर समाज सिर्फ परिणामों को महत्व देगा, तो लोग योग्यता और मेहनत की जगह शॉर्टकट का रास्ता चुन सकते हैं. सचिन ने कहा, “आज जब छात्रों को लगता है कि उनकी मेहनत का उन्हें सही फल नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझी जा सकती है. सभी को मिलकर यह कोशिश करनी चाहिए कि भविष्य में छात्रों को ऐसी निराशा का सामना न करना पड़े.”

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहां मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और योग्यता की जीत हो. उन्होंने भरोसा जताया कि ‘सभी मिलकर ऐसे समाधान तक पहुंचेंगे, जो बच्चों के भविष्य और उनके सपनों को सुरक्षित रख सके.’

छात्रों की आवाज सुननी होगी

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बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि देश के स्टूडेंट्स ही भारत का भविष्य हैं और उनका भविष्य पूरे देश से जुड़ा हुआ है. सारा अली ख़ान ने लिखा, “हमारे स्टूडेंट्स, हमारा भविष्य हैं. बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए उनका हौसला और संघर्ष प्रेरित करने वाला है. वे जिस साहस के साथ अपनी बात रख रहे हैं, वह हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है.”

उन्होंने कहा, “स्टूडेंट्स की बात खुले दिल से सुननी चाहिए, उनकी परवाह करनी चाहिए और उनके साथ खड़े रहना चाहिए.” सारा ने लिखा, “उनके सपने हमारे सपनों से जुड़े हैं और हमारे सपने भी उन्हीं के सपनों में बसते हैं.” सारा अली खान ने अपनी पोस्ट के आखिर में सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरकार छात्रों को न्याय देगी.

कभी कामयाब नहीं होंगे : संजय मांजरेकर

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ”यह सिर्फ़ नीट पेपर लीक का मामला नहीं है. यह लोकतंत्र में अपनी आवाज़ दबाए जाने की भावना और मुख्यधारा के मीडिया की कथित ब्रेनवॉशिंग के ख़िलाफ़ एक विद्रोह है. दो बच्चों का पिता होने के नाते मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि आज के युवाओं की आवाज़ दबाने या उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी.”

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