रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार को रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया. निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर हिल व्यू अस्पताल से मोरहाबादी स्थित गुरुजी के आवास पहुंचाया गया. यहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई.
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बताया गया कि पिछले कुछ समय से रूपी सोरेन की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी. सितंबर में सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें रांची के हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इससे पहले हैदराबाद में भी उनका इलाज कराया गया था.हैदराबाद से रांची लौटने के बाद उनकी तबीयत में कई बार गिरावट आई. इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी था. बुधवार को उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई, जिसके बाद उनका निधन हो गया. रूपी सोरेन के निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में लोग शोक व्यक्त करने और अंतिम दर्शन के लिए मोरहाबादी स्थित आवास पहुंच रहे हैं.
नेमरा में होगा अंतिम संस्कार
पार्टी के केंद्रीय महासचिव व प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि, “झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की पूज्य माताजी एवं स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी सह पार्टी की केंद्रीय उपाध्यक्ष रूपी सोरेन जी का पार्थिव शरीर गुरुवार, 08 अक्तूबर 2026 को सुबह 9 बजे पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ ले जाया जाएगा। वहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। झामुमो परिवार एवं शोकाकुल परिजनों की ओर से आदरणीय स्व. रूपी सोरेन जी को अंतिम जोहार एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने ये बताया
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माता रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में संपन्न होगा. मिथिलेश ठाकुर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा झामुमो परिवार इस दुखद घड़ी में शोकाकुल है.
उन्होंने बताया कि दिवंगत रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार पूरी परंपरा और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव नेमरा में आयोजित किया जाएगा. पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इसकी सूचना दे दी गई है ताकि वे अंतिम दर्शन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें.
नेमरा गांव झामुमो के इतिहास और सोरेन परिवार से गहराई से जुड़ा रहा है. अंतिम संस्कार की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है. स्थानीय प्रशासन और पार्टी पदाधिकारियों की ओर से अंतिम यात्रा व श्रद्धांजलि सभा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
रूपी सोरेन का जाना अपूरणीय क्षति
झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने कहा कि रूपी सोरेन का जाना पार्टी और समाज दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.


