न्यूज डेस्क: केरल में जंगली हाथी हमले से पिछले 10 दिनों में 4 लोगों की मौत हो गई है. चिन्नकनाल के सूर्यनेल्ली के पास जंगली हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई और उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है. वहीं स्थानीय लोगों ने घायल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया और वन विभाग को घटना की सूचना दी.
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स्थानीय लोगों ने की न्याय की मांग
जानकारी के अनुसार, यह हमला सोमवार सुबह तब हुआ जब 35 वर्षीय मारी अपने बेटे को स्कूल छोड़ने जा रही थी. उस दौरान सड़क पर अचानक हाथी ने उनपर हमला कर दिया. खबरों के मुताबिक, जहां घटना में महिला की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद बेटे को गंभीर चोटें आई. स्थानीय लोगों ने घायल लड़के को इलाज के लिए तुरंत आदिमाली तालुक अस्पताल पहुंचाया.
वहीं मारी के शव को चिन्नाकल सोशल हेल्थ सेंटर ले जाया जाएगा. इस घटना के बाद पूरे इलाके में काफी तनाव का माहौल है वहीं स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग करते हुए शव को सौंपने से इनकार कर दिया. वन विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और स्थिति को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे.
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हाथी ने अचानक किया हमला
यह घटना घने कोहरे और बारिश के कारण हुई क्योंकि इस दौरान सड़क के किनारे खड़ा जंगली हाथी दिखाई नहीं दे रहा था. जिस वजह से अचानक हाथियों के सामने आ जाने से परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और हाथी ने उनपर हमला कर दिया जिसमें लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं केरल में पिछले 10 दिनों में मारी समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी है.
दौरा करते समय हाथी ने रोका रास्ता
पिछले हफ़्ते वन मंत्री शिबू बेबी जॉन की गाड़ी को एक हाथी ने रोक लिया था. उस दौरान मंत्री जंगली हाथियों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर दौरा कर रहे थे. उसी समय उनकी गाड़ी अथिराप्पल्ली चारपा के पास पहुँची और एक हाथी ने उनका रास्ता रोक लिया. वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी को मौके से भगाया, जिसके बाद ही मंत्री अपनी यात्रा जारी कर वाझाचल गेस्ट हाउस पहुँचे.
वन मंत्री ने योजना की घोषणा की
जिसके बाद मंत्री ने ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में सोलर फेंसिंग लगाने और एआई टेक्नोलॉजी के साथ तीन-स्तरीय सुरक्षा सिस्टम लागू करने की योजना की घोषणा की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कुछ कानूनी अड़चनों के बाद भी समस्या पैदा करने वाले हाथियों को दूसरे स्थान ले जाने के लिए कदम उठाया जा रहा हैं. इसके साथ ही मंत्री ने जोर दिया कि ये समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं. जिसे लेकर हाथियों की पहचान और उन्हें दूसरी जगह ले जाने के साथ अन्य कदम भी उठाया जाएंगा.


