Thursday, October 8, 2026

Radhakrishna Kishore Podcast: राजनीति में आने की वजह से लेकर BJP के अंदरूनी लोकतंत्र तक, अफसरशाही पर भी बेबाक

Radhakrishna Kishore Podcast: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने बेबाक अंदाज और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। एयरनाऊ के खास पॉडकास्ट में उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा, बिहार विधानसभा के दिनों की यादों, झारखंड की राजनीति, कांग्रेस और BJP के अनुभवों से लेकर सरकार के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

Highlights:

इस बातचीत में राधाकृष्ण किशोर ने सिर्फ राजनीति पर ही बात नहीं की, बल्कि अपनी जिंदगी के कई ऐसे किस्से भी सुनाए जो आम तौर पर राजनीतिक इंटरव्यू में सुनने को नहीं मिलते। उन्होंने अपनी पहली मारुति कार से लेकर कैंटीन के दिनों तक के किस्से साझा किए। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी के बाद उन्हें अपनी पहली कार से सबसे ज्यादा प्यार था।

‘मैं MLA बनना चाहता था, मंत्री बनना नहीं’

Radhakrishna Kishore Podcast: में वित्त मंत्री ने अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य विधायक बनना था, मंत्री बनना नहीं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की वजह से उन्हें मंत्री बनने का मौका मिला।

राहुल गांधी से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का नाम सुनते ही वह पलंग पर उठकर बैठ गए थे। बातचीत में उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह उनकी राजनीतिक सोच और यात्रा अलग-अलग पड़ावों से होकर आगे बढ़ी।

Radhakrishna Kishore Podcast: कर्पूरी ठाकुर और राजनीति में आने की कहानी

पॉडकास्ट में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का भी जिक्र आया। राधाकृष्ण किशोर ने 1980 के चुनाव से जुड़ी याद साझा की और बताया कि किस तरह कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं ने उनके राजनीतिक जीवन को प्रभावित किया।उन्होंने अपने शुरुआती दिनों की कई यादें साझा कीं। कैंटीन में बैठने और उस दौर की राजनीति से जुड़े किस्सों से लेकर बिहार विधानसभा के भीतर के माहौल तक, बातचीत में उनके राजनीतिक सफर के कई अनसुने पहलू सामने आए।

विधानसभा के अंदर और बाहर के भाषण में क्या फर्क?

राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा की राजनीति को भी अपने अनुभव के आधार पर समझाया। उन्होंने बताया कि बाहर मंच से दिए जाने वाले भाषण और विधानसभा के अंदर होने वाली बहस में काफी अंतर होता है।

उन्होंने बिहार विधानसभा से जुड़े अपने अनुभव बताए और उन नेताओं का भी जिक्र किया जिन्होंने उन्हें प्रभावित किया। झारखंड विधानसभा में कौन से नेता उन्हें बेहतर लगते हैं, इस सवाल पर भी उन्होंने अपनी राय रखी।

सुदिव्य कुमार सोनू को लेकर भावुक हुए

बातचीत के दौरान गिरिडीह से जुड़े नेता सुदिव्य कुमार सोनू का जिक्र आया तो राधाकृष्ण किशोर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि एक आदमी के चले जाने से तकलीफ होती है।उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुदिव्य सोनू रहते तो झारखंड की राजनीति में एक बड़ा सितारा बनते।

वहीं इंदर सिंह नामधारी की तारीफ करते हुए उन्होंने उनसे जुड़ा एक दूसरा पहलू भी बताया। उनका कहना था कि किसी को उभरते हुए देखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता।

Radhakrishna Kishore Podcast: BJP में आंतरिक लोकतंत्र पर सवाल

Radhakrishna Kishore Podcast में वित्त मंत्री ने BJP में अपने अनुभवों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 2019 में उनका टिकट क्यों काटा गया और क्या कमी थी।रघुवर दास के साथ अपने राजनीतिक संबंधों और उनके व्यवहार में आए बदलाव का भी उन्होंने जिक्र किया। पब्लिक अकाउंट्स कमेटी समेत कई मुद्दों पर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।

Radhakrishna Kishore Podcast: ‘हाँफते-हाँफते चुनाव जीता है’

अपने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उन्होंने हाँफते-हाँफते चुनाव जीता है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

झारखंड के विकास पर बोले वित्त मंत्री

झारखंड के विकास को लेकर राधाकृष्ण किशोर ने ओडिशा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इतने संसाधन होने के बावजूद झारखंड ओडिशा से आगे क्यों नहीं निकल पा रहा है, इस पर गंभीरता से सोचना होगा।उन्होंने केंद्र और राज्य के रिश्तों पर भी बात की और कहा कि भारत सरकार अकेले कुछ नहीं है। संविधान और भारत संघ की व्यवस्था को समझना जरूरी है।

GST काउंसिल से लेकर झारखंड के नुकसान तक

GST काउंसिल की बैठक का किस्सा सुनाते हुए राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि झारखंड को करीब 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। बाद में नुकसान करीब 3,900 करोड़ रुपये का रहा।

मनरेगा और MMDR Act पर केंद्र को घेरा

राधाकृष्ण किशोर ने मनरेगा में केंद्र और राज्य के हिस्से को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले व्यवस्था 90:10 की थी, लेकिन अब बदलाव के बाद राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।

MMDR Act को लेकर उन्होंने एक बेहद गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य के लिए इसका सीधा असर पड़ता है।

Radhakrishna Kishore Podcast: ‘मैया सम्मान योजना बंद नहीं होगी’

मैया सम्मान योजना को लेकर भी राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी के कारण इस योजना को बंद होने देने की कोशिश हो सकती है, ताकि 2029 के चुनाव में इसका राजनीतिक असर न रहे।

लेकिन उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह वित्त मंत्री हैं, तब तक यह योजना बंद नहीं होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि मैया सम्मान योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं है। योजना के नाम में ही सम्मान है और लक्ष्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है।

‘हिंदूवाद का नारा तभी सार्थक होगा…’

राजनीति और सामाजिक समीकरणों पर बात करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने हिंदुत्व की राजनीति पर भी अपनी राय रखी।उन्होंने कहा कि हिंदुवाद का नारा तब सार्थक होगा जब सभी जातियों के बीच भेदभाव खत्म होगा। उन्होंने BJP के हिंदूवाद के नारे को लेकर अपनी असहमति जाहिर की और कहा कि देश के सामाजिक तथ्यों को नजरअंदाज करके इसे नहीं देखा जा सकता।

हेमंत सोरेन और जमीन का मुद्दा

हेमंत सोरेन से जुड़े जमीन के मुद्दे पर भी राधाकृष्ण किशोर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी कानूनी कार्रवाई पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन राजनीति में किसी मुद्दे के पीछे राजनीतिक उद्देश्य भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में BJP किसी मुद्दे को राजनीतिक रूप से पकड़ती है।

अफसरशाही पर भी जमकर बोले

पॉडकास्ट में राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड की अफसरशाही पर भी खुलकर बात की।

उन्होंने कहा कि IPS का बैज पहन लेने से किसी अधिकारी को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रिटायर्ड IPS अधिकारियों को भी सरकारी संसाधनों और सुविधाओं का इस्तेमाल मिलना चाहिए।

एम्बुलेंस, सड़क और वित्तीय अनुशासन पर सवाल

राधाकृष्ण किशोर ने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने 250 एम्बुलेंस के चालकों और ALS सिस्टम के लिए जरूरी तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता पर सवाल किया।

‘हम उग्रवाद क्षेत्र से हैं, गर्व है कि इसे खत्म करने में भूमिका रही’

अपने क्षेत्र और झारखंड की परिस्थितियों पर बात करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि वह उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र से आते हैं और उन्हें गर्व है कि उग्रवाद को खत्म करने में उनकी भी भूमिका रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास बिना मांगे 16 गार्ड दिए गए थे और पुलिस की गाड़ियों की संख्या को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया था।

Radhakrishna Kishore Podcast: ‘मुझे अब आगे नहीं जाना’

पॉडकास्ट के आखिर में राधाकृष्ण किशोर ने अपने भविष्य को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा आगे जाने की नहीं है, बल्कि वह दूसरों को आगे करना चाहते हैं।

उन्होंने परिवारवाद को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बने तो उसे परिवारवाद कहने वाली मानसिकता के पीछे ईर्ष्या भी हो सकती है।

राजनीति के अलावा उन्होंने अपनी निजी पसंद के बारे में भी बताया। उन्हें ऐसी जगहों पर घूमना पसंद है जहां की सामाजिक बनावट अलग हो। 60 और 70 के दशक के लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के गाने उन्हें पसंद हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह गाने में बेसुरे हैं, लेकिन उनके मोबाइल में करीब 1500 गाने हैं।

Radhakrishna Kishore Podcast में राजनीति, झारखंड की अर्थव्यवस्था, अफसरशाही, सामाजिक न्याय, BJP और कांग्रेस के अनुभवों के साथ उनके निजी जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से सामने आए हैं।

राधाकृष्ण किशोर का पूरा पॉडकास्ट सुनने के लिए नीचे क्लिक करें। 

 

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