Monday, June 8, 2026

मानसून के दौरान लोगों को जलजमाव से मिलेगी राहत, रांची नगर निगम अलर्ट मोड पर

रांची: झारखंड में 15-20 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकती है, जिसे लेकर नगर निगम अलर्ट मोड पर है. वहीं बारिश के दौरान रांची के कई इलाकों में जलजमाव, उफनते नाले, सड़कों पर पानी भरने और घरों में पानी घुसने जैसी समस्याओं से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए रांची नगर निगम मानसून से पहले व्यापक तैयारियां कर रही है. निगम का दावा है कि इस बार जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, नालों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करके शहरवासियों को राहत देने का प्रयास करेगी. उनकी पहली प्राथमिकता शहर के बड़े और छोटे नालों की सफाई करना है.

मानसून प्लान की तैयारियां शुरु

निगम के अनुसार, सभी प्रमुख नालों में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है. नालों से गाद को निकालकर उनकी जल वहन क्षमता बढ़ाई जा रही है, ताकि भारी बारिश के बाद भी पानी का बहाव बाधित न हो. वहीं नालों के किनारें उगी झाड़ियों और घासों की नियमित रुप से कटाई की जा रही है, जिससे जल प्रवाह सुचारू रहेगा. मानसून प्लान में निगम ने उन इलाकों पर विशेष रुप से फोकस किया है, जहां हर साल जलजमाव की समस्या गंभीर रूप से सामने आती है.

कोकर चौक, सफायर अस्पताल के आसपास का क्षेत्र, महावीर नगर, खोरहाटोली, बांधगाड़ी समेत कई संवेदनशील इलाकों में जल निकासी की दिशा में मजबूती से काम किया जा रहा है. इन क्षेत्रों में नालियों के डेल्टा प्वाइंट का चौड़ीकरण, जल प्रवाह में बाधा बनने वाले अवरोधों को हटाने और अतिरिक्त जल निकासी व्यवस्था तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है.

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उल्लघंन करने वालों पर सख्त कार्रवाई

निगम की बड़ी चिंता का विषय है नालों के ऊपर अवैध निर्माण और अतिक्रमण है. जिस कारण से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और बारिश का पानी सड़कों और घरों में भर जाता है. इसे देखते हुए निगम ने ड्रोन मैपिंग और जमीनी सर्वे कर अतिक्रमण स्थान चिन्हित किया और अभियान शुरू किया है. जहां मापी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और बड़े नालों को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा.

वहीं भवन निर्माण सामग्री को नालियों में डालने, नालियों के ऊपर अवैध स्लोप या सीमेंट फ्लोरिंग बनाने तथा घरों और इमारतों का पानी सीधे सड़क पर बहाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है. नागरिकों की छोटी सी लापरवाही बारिश के दौरान बड़ी समस्याओं का कारण बनता हैं. अधिकारियों को लगातार ‘गेम्बा वॉक’ कर जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान करने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश है.

नगर आयुक्त ने खुद की समीक्षा

नगर आयुक्त सुशांत गौरव के अनुसार पिछले वर्ष जिन स्थानों पर जलजमाव, नाला ओवरफ्लो या दुर्घटनाएं हुई थीं, उन सभी बिंदुओं की समीक्षा कर विशेष रणनीति तैयार की गई है. निगम अधिकारियों ने कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर नालों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तो इस बार मानसून में शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या काफी कम हो सकती है. फिलहाल रांची नगर निगम मानसून को लेकर अलर्ट मोड में है और शहर को जलजमाव से मुक्त करने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी और फील्ड स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रही है.

एयर नाउ स्पेशल

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