रांची : झारखंड के विभिन्न जिलों में स्थित ट्रेजरी से करोड़ो रूपए की अवैध निकासी का मामला सामने आया है. पहले बोकारो और अब हजारीबाग में ट्रेजरी से पिछले 10 सालों में 15 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन कहा जा रहा है कि मामला के संज्ञान में आते ही पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी इस मामले में हजारीबाग के डीसी से रिपोर्ट मांगी है. इस बीच खबर यह भी है कि इस मामले में दो पुलिसकर्मी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
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बोकारो में 4.29 करोड़ की निकासी
हजारीबाग में अवैध निकासी से जुड़ा मामला सामने आने से पहले बोकारो में भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है, जिसमें एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय ने सेवानिवृत्त हवलदार के नाम पर बोकारो ट्रेजरी से 3.15 करोड़ की अवैध निकासी की, हालांकि बाद में यह आंकड़ा 4.29 करोड़ तक जा पहुंची है. पुलिस ने आरोपी कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. साथ ही, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किये गये हैं.
इस संबंध में एसपी हरविंदर सिंह का कहना है कि अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय ने जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हुए हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम का दुरुपयोग करते हुए पोर्टल में उनकी जन्मतिथि और बैंक खाते से संबंधित जानकारी में छेड़छाड़ की. इसके बाद तीन वित्तीय वर्षों के दौरान 25 महीनों में 63 बार में कुल चार करोड़ 29 लाख 71 हजार सात रुपये की फर्जी निकासी कर ली. आरोपी ने निकाली गयी राशि अपनी पत्नी अनु पांडेय के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी. हालांकि मामला सामने आने के बाद अब इस बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है.
एसपी के अनुसार इसके लिए फर्जी पे-आइडी बनाया गया. जीपीएफ खाते में छेड़छाड़ और कटौती में अनियमितता पायी गयी. कई मामलों में एक ही अवधि के लिए अलग-अलग वाउचर नंबर से राशि निकाली गयी. एसपी के अनुसार मामले की जांच के लिए मुख्यालय डीएसपी अनिमेष कुमार गुप्ता व सिटी डीएसपी आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गयी थी. ई-कुबेर और डीडीओ पोर्टल की जांच में फर्जी निकासी का खुलासा हुआ. बाद में जिला कोषागार पदाधिकारी के आवेदन पर बीएस सिटी थाना में मामला दर्ज किया गया.


