न्यूज डेस्क : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ़्तारी के बाद देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन केपी शर्मा ओली की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (सीपीएन-यूएमएल) के कार्यकर्ता कर रहे हैं. राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में प्रदर्शन किए गए हैं.
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सीपीएन-यूएमएल के कार्यकर्ताओं ने नेपाल के चितवन समेत कई अन्य हिस्सों में प्रदर्शन किए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी भी की. पोखरा और कास्की में भी विरोध प्रदर्शन हुए और केपी शर्मा की रिहाई की मांग हुई.
नेपाल पुलिस ने की पुष्टि
इससे पहले नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभिनारायण काफले ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ़्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के बाद ओली और लेखक दोनों को काठमांडू पुलिस परिसर ले जाया गया. ओली को भक्तपुर से गिरफ़्तार किया गया और लेखक को शनिवार सुबह भक्तपुर के ही कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ़्तार किया गया.
जांच आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें “जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए मंत्रिपरिषद के फ़ैसले के अनुसार” गिरफ़्तार किया गया. पिछले साल हुए जेन ज़ी के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए गठित गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले आयोग ने सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली पिछली सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी. काफले ने कहा, “अब उनके ख़िलाफ़ कानूनी प्रक्रिया नियमों के अनुसार चलाई जाएगी. यह गिरफ़्तारी इसलिए की गई है ताकि क़ानून सभी पर समान रूप से लागू हो.”


