नई दिल्ली : सीजेपी के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को गुरूवार को भी बंद रखा गया है. इससे पहले दिल्ली मेट्रो ने बुधवार 22 जुलाई को भी इन स्टेशनों को बंद रखा था. अब इस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है. दिल्ली मेट्रो स्टेशनों को बंद रखे जाने पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की है. चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर लंच के समय तक कुछ नहीं हुआ, तो वे इस पर दखल देंगे.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस का भाजपा मुख्यालय घेराव, रांची में हाई अलर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में मेट्रो स्टेशन के अंदर वकील, वादियों और अदालत के कर्मचारियों को सीमित प्रवेश देने की अपील की गई थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि वकीलों की गैरहाजिरी के कारण आज कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर दोपर तक समाधान नहीं हुआ तो वो इस पर हस्तक्षेप करेंगे.
16 स्टेशनों को किया बंद
इससे पहले DMRC ने सुबह 7.30 बजे से राजीव चौक, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस और आईटीओ समेत 16 रेलवे स्टेशन बंद करने का ऐलान किया. दिल्ली मेट्रो की ओर से किए गए पोस्ट के मुताबिक, लोक कल्याण मार्ग, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, पटेल चौक, बाराखंबा रोड, सेवा तीर्थ, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय,दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के जारी प्रदर्शन में भीड़ बढ़ने के बीच यह कदम उठाया गया है. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए लाइन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी.


