Thursday, October 29, 2026

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष में तेहरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर दो किए हमले

न्यूज डेस्क : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष में से अब तक दूर रहे तेहरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने शनिवार को दक्षिणी इजरायल पर दो मिसाइल हमले किए. हूती विद्रोहियों के युद्ध में शामिल होने के बाद होर्मुज के साथ-साथ बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा पर भी गंभीर संकट बढ़ गया है।

रॉयटर के अनुसार, ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने शनिवार को समूह के अल-मसीरा सैटेलाइट चैनल पर जारी बयान में इसकी पुष्टि की। याह्या सरी ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ती है तो हूती सीधे युद्ध में उतरेंगे। हूती की सक्रियता से लाल सागर, बाब-अल-मंदेब और अरब सागर के समुद्री मार्गों पर तनाव और बढ़ गया है, जहां से दुनिया का 12 प्रतिशत तेल गुजरता है।

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अमरीकी ठिकानों पर ईरान का हमला

इधर ईरान ने दावा किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दुबई में अमेरिकी सैनिकों के दो गुप्त ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से सटीक हमला किया, जिसमें लगभग 500 सैनिक हताहत हुए। साथ ही फार्स प्रांत में एक अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने और फारस की खाड़ी में अमेरिका के छह सामरिक जहाजों को निशाना बनाने का भी दावा किया गया।

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी सैनिक सुरक्षित हैं। एक्स पर जारी बयान में सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरानी शासन इंटरनेट मीडिया पर झूठ फैलाकर अपनी कमजोर पड़ चुकी सैन्य क्षमताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए और दो केसी-135 ईंधन विमान क्षतिग्रस्त हुए। फारस की खाड़ी में अल-शुयूख बंदरगाह तथा दुबई तट के पास अमेरिकी सेना की छह लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (एलसीयू) नौकाओं को निशाना बनाया गया। इनमें से तीन नौकाओं के डूबने और तीन में आग लगने का दावा किया गया है। आइआरजीसी ने कहा कि अल-खार्ज बेस पर अमेरिकी सेना के ईंधन विमानों और लाजिस्टिक सपोर्ट बेड़े को भी नष्ट किया गया।

ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर हमला

उधर, इजरायल ने ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर फिर हमला किया। दस दिनों में इस परमाणु केंद्र पर यह तीसरा हमला है। इससे पहले शुक्रवार को ईरान के दो अन्य परमाणु केंद्रों पर भी हमले हुए थे। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समयसीमा बढ़ा चुके हैं।

युद्ध रोकने की कोशिशों पर संदेह

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध रोकने की हालिया कूटनीतिक कोशिशों पर संदेह जताया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान से फोन पर बातचीत में कहा कि अमेरिका के रवैये ने किसी संभावित समझौते को लेकर तेहरान की शंकाएं और गहरी कर दी हैं। अराघची ने अमेरिका पर अतार्किक मांगें रखने और विरोधाभासी कदम उठाने का आरोप लगाया। बातचीत के दौरान हकान फिदान ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है।

एयर नाऊ स्पेशल

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