रांची: रांची स्थित लोक भवन में मंगलवार को संतोष कुमार गंगवार ने बिहार आई बैंक ट्रस्ट के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, राज्यपाल सचिवालय के विशेष सचिव ए.के. सत्यजीत, ट्रस्ट की सचिव डॉ. प्रणन्ति सिन्हा सहित अन्य ट्रस्टी मौजूद रहे। बैठक के दौरान राज्यपाल ने ट्रस्ट को राज्य में एक आधुनिक, उत्कृष्ट और विश्वसनीय नेत्र चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्था ऐसी सुविधाएं विकसित करे, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
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इस बैठक में 4 अहम निर्देश दिए गए
- नाम बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
बैठक में राज्यपाल ने बिहार आई बैंक का नाम बदलकर झारखंड आई बैंक करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी भूमि संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी विशेष जोर दिया, ताकि संस्थान के विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।
- CSR सहयोग बढ़ाने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि ट्रस्ट ऐसा सेवा मॉडल तैयार करे, जिससे कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत अधिक सहयोग प्राप्त किया जा सके। उन्होंने आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और अस्पताल में एडवांस आई केयर सेवाएं शुरू करने की आवश्यकता बताई।
- आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का निर्देश
बैठक के दौरान राज्यपाल ने अस्पताल को जल्द से जल्द आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।
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- ट्रस्ट में हुए नए निर्णय
समीक्षा बैठक में डॉ. टी.पी. बर्णवाल को ट्रस्टी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं अजय जैन का संयुक्त सचिव पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।


