Thursday, October 29, 2026

रामगढ़ DC की सरकारी गाड़ियां और संपत्तियां होंगी कुर्क, झारखंड इतिहास में पहली बार कोर्ट का ऐसा सख्त आदेश

रामगढ़/रांची: झारखंड के प्रशासनिक और न्यायिक गलियारे से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। राज्य के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है, जब किसी जिले के उपायुक्त की सरकारी गाड़ियों और चल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश अदालत ने जारी किया है।

यह कड़ा रुख रामगढ़ के सिविल जज सीनियर डिवीजन-II सह स्पेशल जज ( एलए ) शिवेन्दु द्विवेदी की अदालत ने अपनाया है। कोर्ट ने भू-स्वामियों के मुआवजे के करीब 2 करोड़ 20 लाख 12 हजार 247 रुपये 67 पैसे के बकाए की वसूली के लिए रामगढ़ डीसी के खिलाफ कुर्की वारंट जारी कर दिया है।

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क्यों आया कुर्की का आदेश? समझिए पूरा मामला

यह पूरा मामला भूमि अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे के भुगतान से जुड़ा है। अदालत में यह मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 01/88, लैंड एक्विजिशन केस संख्या 12/85-86 और लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन केस संख्या 02/2017 के तहत चल रहा था।

मामले में प्रभावित भू-स्वामियों की जमीन का अधिग्रहण वर्षों पहले हुआ था। अदालत ने वर्ष 2005 में एक आदेश पारित किया था, जिसके तहत विस्थापितों को मूल मुआवजा राशि के साथ-साथ 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाना था।

कोर्ट के आदेश के 21 साल बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने प्रभावित भू-स्वामियों को पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। प्रशासन के इसी ढुलमुल रवैए और कोर्ट के आदेश की अनदेखी पर सिविल कोर्ट ने यह ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाया है।

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सरकारी गाड़ियां होंगी जब्त, 8 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट

अदालत ने बकाए की पाई-पाई वसूलने के लिए सख्त लहजे में निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने ‘बैलिफ’ (न्यायालय के कुर्की अधिकारी) को सीधे तौर पर आदेश दिया है कि वह रामगढ़ डीसी के कार्यालय और आवास से संबंधित सरकारी गाड़ियों सहित अन्य सभी चल संपत्तियों को कुर्क करें और उन्हें जब्त कर अपनी रिपोर्ट पेश करें।

अदालत ने 29 जून 2026 को यह कुर्की वारंट जारी किया है और बैलिफ को निर्देश दिया है कि इस वारंट के निष्पादन की पूरी रिपोर्ट 8 जुलाई 2026 तक हर हाल में अदालत के समक्ष दाखिल की जाए।

प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, साख पर सवाल

इस आदेश के बाद न सिर्फ रामगढ़ बल्कि पूरे झारखंड के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। आम तौर पर आम जनता के खिलाफ कुर्की का आदेश देखने को मिलता है, लेकिन एक जिले के सर्वोच्च अधिकारी की गाड़ियों और दफ्तर की संपत्तियों की कुर्की का यह आदेश इस बात का गवाह है कि कोर्ट विस्थापितों और भू-स्वामियों के हक को लेकर कितनी गंभीर है। अब देखना यह होगा कि 8 जुलाई से पहले रामगढ़ जिला प्रशासन इस बकाए राशि का भुगतान कर अपनी साख बचाता है या कोर्ट की गाड़ी डीसी दफ्तर पर गरज़ती है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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