रांची : नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में झारखंड में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से विभिन्न इलाकों में सक्रिय प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के समक्ष हुए इस सरेंडर की हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन कहा जा रहा है कि सरेंडर नक्सलियों में से 16 कोल्हान क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि दो अन्य दूसरे माओवाद प्रभावित इलाकों में सक्रिय थे.
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जल्द औपचारिक सरेंडर का एलान
पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हथियार डालने वाले सभी नक्सलियों का जल्द रांची में औपचारिक तौर पर सरेंडर का ऐलान हो सकता है. क्योंकि यह अभियान अभी जारी है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राज्य में अभी भी लगभग 30 इनामी नक्सली सक्रिय हैं, जिनकी तलाश में लगातार अभियान चलाया जा रहा है. पिछले कुछ महीनों में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से कई माओवादी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें प्रमुख है अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरिडीह-बोकारो सीमा से गिरफ्तारी. इस गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी ने भी सरेंडर किया था
‘ऑपरेशन नवजीवन’ की प्रभावी रणनीति
कहा जा रहा है कि झारखंड पुलिस के ‘ऑपरेशन नवजीवन’ की प्रभावी रणनीति की वजह से नक्सली सरेंडर को मजबूर हो रहे हैं. इससे पहले 21 मई को भाकपा (माओवादी) के 25 और जेजेएमपी के दो उग्रवादियों समेत कुल 27 ने हथियार डाले थे. इसमें संगठन के कई शीर्ष कमांडर व उनके सदस्य शामिल थे. उन्होंने 16 आधुनिक हथियार और 2,857 गोलियां भी पुलिस के हवाले की थीं.


