नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बल प्रयोग को लेकर जवाबदेही की मांग की है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों की सुरक्षा करना और बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों को दूर करना सरकार की ज़िम्मेदारी है.
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निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था
उन्होंने पत्र में लिखा, “हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे. उनकी बात सुनने के बजाय, सुरक्षा बलों ने उन पर बल का इस्तेमाल किया, जिसमें घातक हथियार और आँसू गैस भी शामिल थे. सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं. महिला छात्रों पर भी पुलिसकर्मियों ने हमला किया है, जिसमें उनके निजी अंगों को जानबूझकर निशाना बनाना भी शामिल है.”
घातक पैलेट गन का इस्तेमाल
राहुल गांधी ने लिखा, “सबसे चौंकाने वाली बात घातक पैलेट गन का इस्तेमाल है. मीडिया और सोशल मीडिया में आई खबरों में साफ़ दिख रहा है कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिसमें एक पत्रकार भी शामिल है. मैंने 19 साल के छात्र साहिल लोचाब से मुलाक़ात की, जो अब बहुत दर्द में हैं और उनकी एक आँख जाने की संभावना है, क्योंकि उन्हें पैलेट गन से गोली मारी गई थी.”
राहुल गांधी ने पूछे दो सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल गृह मंत्री को रिपोर्ट करते हैं. उन्होंने पत्र में दो सवाल पूछे, “क्या गृह मंत्री के तौर पर आपने छात्रों के खिलाफ़ पैलेट गन समेत घातक बल के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी? अगर नहीं, तो इसकी मंज़ूरी किसने दी? क्या सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते हुए दिख रहे लोग पुलिसकर्मी हैं या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती की मंज़ूरी किसने दी?”
पूरे देश में गुस्सा फैला
उन्होंने कहा, “इस तरह की हिंसा हर नियम और मर्यादा को ख़त्म कर देती है और इससे पूरे देश में गुस्सा फैला है.” उन्होंने कहा कि देश का भविष्य माने जाने वाले युवा और छात्र जवाब और ज़िम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज़ सुनी जाएगी.


