Tuesday, July 21, 2026

‘यूथ आइकन कैसे?’ समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, लगाया 3 लाख का जुर्माना*

Entertainment Desk: कॉमेडियन समय रैना की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट‘ विवाद में समय रैना और 4 अन्य कॉमेडियन पर कड़ी कार्रवाई की है।

कोर्ट ने समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी को 2 हफ्ते के अंदर यह रकम जमा करनी होगी। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर समय पर पैसे नहीं जमा हुए तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।

कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया और पहले दिए गए भरोसे को नहीं निभाया।

पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अपने शो के जरिए दिव्यांग लोगों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए कहा था। लेकिन कोर्ट ने पाया कि इस निर्देश का पालन नहीं किया गया। इसी को गंभीरता से लेते हुए जुर्माना लगाया गया।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने समय रैना के जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा, “इसे फेंक दीजिए”। उन्होंने देरी से जवाब दाखिल करने पर भी सवाल उठाए।

यूथ आइकन कहना मुश्किल

क्योर SMA फाउंडेशन की वकील अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया कि समय रैना ने वादे के बावजूद न तो फाउंडेशन से संपर्क किया और न ही SMA से पीड़ित लोगों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, “समय रैना लगातार शो कर रहे हैं लेकिन कोर्ट के आदेश नहीं मान रहे। ऐसे में उन्हें यूथ आइकन कहना मुश्किल है।” इस पर कोर्ट ने भी सहमति जताई।

सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश

कोर्ट ने 5 कॉमेडियन को 3 आदेश दिए हैं:

  1. सार्वजनिक माफी जारी करें
  2. अनुपालन हलफनामा कोर्ट में जमा करें
  3. हर महीने 2 स्पेशल कॉमेडी शो करें। इन शो से होने वाली कमाई SMA से पीड़ित बच्चों के इलाज में दी जाएगी।

कोर्ट ने साफ कहा, अगर आदेश नहीं माने तो जुर्माना 3 लाख से बढ़ाकर 30 लाख प्रति व्यक्ति तक किया जा सकता है। CJI ने कहा, “इसमें एक और जीरो जोड़ दिया जाएगा”।

क्या है पूरा मामला?

ये विवाद 2025 में YouTube पर आए ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के 2 एपिसोड से शुरू हुआ था। आरोप है कि समय रैना और अन्य कॉमेडियन ने शो में SMA के मरीजों, एक शिशु, दृष्टिबाधित और भेंगापन से पीड़ित लोगों पर आपत्तिजनक कमेंट किए थे।

इस पर सोशल मीडिया में भारी बवाल हुआ था जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।

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