Tuesday, July 21, 2026

लोकल से ग्लोबल’ की ओर झारखंड की छलांग, भारत टेक्स 2026 में छह जीआई टैग उत्पादों का प्रदर्शन

नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 में उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने झारखंड पैवेलियन का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारी पहचान केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि देश और दुनिया तक पहुँचनी चाहिए। झारखंड की समृद्ध हस्तकरघा और वस्त्र विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाकर हम राज्य में रोजगार के अधिक अवसर सृजित करना चाहते हैं, ताकि हमारे युवाओं को रोजगार की तलाश में बाहर न जाना पड़े। रोजगार बढ़ेगा तो झारखंड का विकास भी नई गति से आगे बढ़ेगा।

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इस मौके पर मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि भारत टेक्स 2026 झारखंड के पारंपरिक वस्त्र उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने, बुनकरों और कारीगरों को नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने तथा राज्य के वस्त्र उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

6 जीआई टैग उत्पादों की प्रदर्शनी 

झारखंड पवेलियन में राज्य के छह जीआई टैग प्राप्त हस्तकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी ने झारखंड की समृद्ध वस्त्र विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और बुनकरों की प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।तसर सिल्क, कुचाई सिल्क, भगैया साड़ी एवं फैब्रिक, टुमका चादर, भोया साड़ी एवं फैब्रिक तथा पंछी साड़ी एवं फैब्रिक का भी प्रदर्शन किया गया।

हस्तकरघा उत्पाद का अहम योगदान

फैशन और फैशन से वैश्विक बाज़ार से प्रेरित भारत टेक्स 2026 वस्त्र एवं परिधान उद्योग की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला के लिए व्यापार, निवेश, नवाचार, नीतिगत संवाद और रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख वैश्विक मंच बन चुका है। यह आयोजन भारत की वस्त्र एवं फैशन क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक नेतृत्व क्षमता, सतत विकास, तकनीकी नवाचार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम में उद्योग विभाग के निदेशक विशाल सागर, अपर सचिव प्रीति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस आयोजन में देश-विदेश के निर्माता, निर्यातक, वैश्विक खरीदार, निवेशक, नीति-निर्माता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी प्रदाता तथा हस्तशिल्प एवं हस्तकरघा क्षेत्र से जुड़े कारीगर बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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