Tuesday, July 21, 2026

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “झारखण्ड जनाधिकार महासभा” के दावों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने किया खंडन

रांची : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का इन्यूमरेशन फेज चल रहा है। इस दौरान मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने, विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग करने, भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने एवं इन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। इन्यूमरेशन फेज में यह बता पाना कि कितने प्रतिशत मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म में तार्किक विसंगतियां प्राप्त हुई है, संभव नहीं है।

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असत्य एवं वास्तविकता से परे

उन्होंने “झारखंड जनाधिकार महासभा” द्वारा गलत उद्देश्य एवं मतदाताओं को दिग्भ्रमित करने हेतु सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही सूचना – “झारखंड के आदिवासी क्षेत्र में एक-एक बूथ में 30% मतदाताओं के नाम SIR की logical discrepancy सूची में दिख रहे हैं। इसके अलावा हर बूथ में कई मतदाता हैं जिनके पूर्वजों का नाम 2003 सूची में नहीं है। ऐसे में लाखों आदिवासी नोटिस के शिकार और परेशान होंगे और नाम कट सकता है।” – बिल्कुल असत्य एवं वास्तविकता से परे है।

उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से संबंधित सभी स्टेकहोल्डर से अनुरोध किया है कि इस तरह के मिसइनफॉरमेशन को किसी प्रकार से बढ़ावा न दें। वर्तमान मतदाता सूची के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को एसआईआर के माध्यम से नए मतदाता सूची में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

तार्किक विसंगतियों की पहचान 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में तार्किक विसंगतियों की पहचान एवं निराकरण मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का एक चरण है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के उम्र एवं संबंध जैसे नाम, पिता, पति, पत्नी, माता आदि में लिपिकीय त्रुटियों को पहचानकर, उन्हें मतदाताओं के माध्यम से सत्यापित करते हुए दूर किया जाएगा।

इस हेतु संबंधित मतदाता से आवश्यकता पड़ने पर उनके ईआरओ/एईआरओ द्वारा नोटिस जारी करते हुए, आवश्यक दस्तावेज लेकर इसका सत्यापन कर विसंगतियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा, कि तार्किक विसंगति को दूर करने का मुख्य उद्देश्य है, कि एसआईआर के उपरांत प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं का विवरण शुद्ध–शुद्ध एवं त्रुटिरहित आ सके।

खतियान के आधार पर सहायता

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि झारखंड के वैसे आदिम जनजाति एवं जनजाति समुदाय के मतदाता जिनकी जानकारी में कोई तार्किक विसंगति आने पर उनका या जिनकी मैपिंग नहीं हुई है उन्हें, अंचल कार्यालयों में उपलब्ध खतियान अथवा वंशावली के आधार पर एईआरओ, ईआरओ एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी मतदाता सूची में पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करेंगे।

झारखण्ड में आदिम जनजाति एवं जनजाति का विवरण, खतियान एवं अन्य अभिलेखों के माध्यम से एईआरओ, ईआरओ एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालयवम उपलब्ध है। अतः इस तरह के भ्रामक एवं दुष्प्रचार के बहकावे में आने की कोई आवश्यकता नहीं है।

मतदाता के सहयोग के लिए वोलेंटियर्स 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में हर पात्र भारतीय नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो, इस हेतु चुनाव आयोग कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य में वृद्ध, दिव्यांग एवं अन्य दूरस्थ आदि श्रेणी के मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष वोलेंटियर्स प्रत्येक मतदान केंद्र पर नियुक्त किए गए हैं। ये वोलेंटियर्स इन मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं और मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद यदि आवश्यकता पड़ी, तो जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भी समन्वय एवं सहयोग करेंगे।

चुनाव पाठशाला का आयोजन

के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए इस सूची से एएसडीडी सूची को अलग कर इसे हटाने का कार्य किया जाता है। इस हेतु बीएलओ एवं बीएलए-2 द्वारा इन्यूमरेशन फेज में 2 बार बैठक आयोजित कर अपने मतदान केंद्रों के वर्तमान मतदाता सूची से एएसडीडी सूची को बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस हेतु बीएलओ द्वारा घर-घर भ्रमण के दौरान इसका सत्यापन किया गया साथ ही चुनाव पाठशाला में इसे पढ़कर भी सुनाया गया है।

एएसडीडी सूची को अंतिम स्वरूप देने हेतु 22 जुलाई को बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक के साथ-साथ चुनाव पाठशाला का भी आयोजन किया गया है । इस अवसर पर मतदाताओं से अनुरोध है कि वे अवश्य इसमें शामिल हों। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीति दलों से अनुरोध है कि वे अपन बीएलए-2 की शत प्रतिशत उपस्थिति मतदान केंद्र पर सुनिश्चित करवायेंगे एवं एएसडीडी सूची को भलीभांति जांच कर इसे सत्यापित भी करेंगे।

त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि एक त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र का आधार है। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर के कार्य में जुटे सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2, बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप और वोलेंटियर्स की भूमिका की सराहना की है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक सहभागी प्रक्रिया है, इससे जुड़े सभी स्टेकहोल्डर का सहयोग अपेक्षित है । उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक जिनका वर्तमान मतदाता सूची में नाम है,–का पंजीकरण मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाएगा लेकिन सभी स्टेकहोल्डर यह शत प्रतिशत सुनिश्चित करेंगे कि कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो ।

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एयर नाऊ स्पेशल

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