रांची : संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी ने झारखंड में पिछले 5 वर्षों में शुरू किए गए, निर्माणाधीन और मंजूर किए गए नए थर्मल पावर परियोजनाओं की संख्या और क्षमता के बारे में जानकारी मांगी तो इसके जवाब में केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने सदन में कहा कि झारखंड में कोडरमा परियोजना के दूसरे चरण में दो नये यूनिट और पतरातु में तीसरे नये यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा है।
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केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि कोडरमा के दूसरे चरण में 800 मेगा वॉट के प्रत्येक ऐसे दो यूनिट शामिल हैं, जिनसे कुल 1600 मेगा वॉट की नई बिजली क्षमता जुड़ेगी। पतरातु के तीसरे यूनिट से 800 मेगा वॉट की अतिरिक्त बिजली क्षमता जुड़ेगी। पिछले 5 वर्षों में, झारखंड में कुल 2780 मेगा वॉट क्षमता वाले थर्मल पावर प्रोजेक्ट शुरू किए गए, जिसमें नॉर्थ करणपुरा में 660 मेगा वॉट की तीन यूनिट और पतरातु में 800 मेगा वॉट का पहला यूनिट शामिल हैं।
इसके अलावा दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) द्वारा कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन का विकास किया जा रहा है, जो कि केंद्र सरकार और झारखंड व पश्चिम बंगाल सरकारों की संयुक्त स्वामित्व वाली कंपनी है। पतरातु के तीसरे यूनिट का विकास पतरातु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयुएनएल) कर रहा है, जो एनटीपीसी लिमिटेड और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उदयम है।
केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने बिजली उत्पादन की जरूरतों और पर्यावरण की स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस में स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) क्षमता और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देना एवं सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना शामिल है। देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में नॉन-फॉसिल फ्यूल (गैर-जीवाश्म ईंधन) की स्थापित क्षमता का 31 मई, 2026 तक लगभग 53.75% योगदान रहा है।
इस लिखित उत्तर में, दी गई जानकारी में यह भी कहा गया है कि प्रधान मंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल आधारित राष्ट्रीय कार्यक्रम, प्रधान मंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) और धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए जेजीयुए), राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विजिबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत पूरे भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा योजना (आदिवासी और पीवीटीजी बस्तियों / गांवों के लिए) जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं।


