नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्नी पायल अब्दुल्ला के साथ तलाक से जुड़े विवाद को मध्यस्थता के ज़रिये सुलझा लिया है. बारएंडबेंच के मुताबिक़ जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच को उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिए गए हैं.
सिब्बल ने कहा, “दोनों ने आज़ादी अपना ली है. सब कुछ सुलझ गया है. अदालत तलाक की मंज़ूरी दे सकती है. बाकी सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे.” इस पर बेंच ने कहा, ”यह अच्छी बात है. हम इन्हीं शर्तों के आधार पर मामले का निपटारा कर देंगे.”
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उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला ने सितंबर 1994 में शादी की थी, लेकिन दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं. उमर अब्दुल्ला की तलाक की याचिका को पहली बार 30 अगस्त 2016 को पारिवारिक अदालत ने खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि वह यह साबित करने में नाकाम रहे कि उनका वैवाहिक संबंध इस हद तक टूट चुका था कि उसे फिर से बहाल करना संभव नहीं था.
पारिवारिक अदालत ने यह भी कहा था कि उमर अब्दुल्ला अपने साथ हुई “क्रूरता” या पत्नी द्वारा “परित्याग” के आरोपों को साबित नहीं कर सके. अदालत के मुताबिक, वह ऐसी एक भी परिस्थिति नहीं बता पाए जिससे यह साबित हो कि पायल के साथ संबंध जारी रखना उनके लिए असंभव हो गया था. इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया. हालांकि, हाई कोर्ट ने भी उनकी तलाक की याचिका खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.


