न्यूज डेस्क: CII बिजनेस समिट में रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे मार्गों पर विमानन क्षेत्र की वृद्धि पर दांव लगाने वाले निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि हाई-स्पीड रेल ने जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में यात्रा के तरीकों को बदल दिया गया है. वहीं इन मार्गों पर कोई भी हवाई यात्रा नहीं करेगा.
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वाराणसी 3.50 घंटे-लखनऊ 2 घंटे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित बजट का 98 % फरवरी के अंत तक खर्च कर दिया था. जो परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन को दर्शाता है. वहीं आने वाले समय में ट्रेन सेवाएं देश के कई मार्गों पर उड़ानों से आगे निकल जाएंगी.
बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा समय घटकर 78 मिनट हो जाएगा, जिससे ये दोनों शहर लगभग एक संयुक्त महानगर की तरह हो जाएंगे. इसके अलावा, दिल्ली से वाराणसी की यात्रा 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होगी जबकि दिल्ली से लखनऊ की यात्रा करीब 2 घंटे में पूरी हो जाएगी.
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36,000 किलोमीटर तक नई पटरियां जोड़ी गई
रेल मंत्री ने कहा, पिछले वित्त वर्ष मार्च के पहले सप्ताह तक लगभग पूरा पूंजीगत व्यय खर्च हो गया था. वहीं फरवरी के अंतिम सप्ताह तक करीब 98 % से अधिक खर्च किया गया था. इसके बाद व्यय की गति को रोकना पड़ा ताकि वित्त वर्ष का अंत संतुलित रूप से हो सके.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश में अब तक 49,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो जर्मनी के पूरे रेल नेटवर्क से भी अधिक है. वहीं, इनमें 36,000 किलोमीटर नई पटरियां जोड़ी गई हैं, जो स्विट्जरलैंड के रेल नेटवर्क से लगभग 6 गुना हैं.
हवाई यात्रा छोड़ ट्रेन यात्रा करेंगे लोग
इन नए मार्गों से यात्रा के समय में काफी कमी आएगी, जिससे लोग हवाई यात्रा को छोड़कर ट्रेन यात्रा को प्राथमिकता देंगे. वहीं सरकार मुंबई से पुणे के बीच नया गलियारा विकसित कर रही है जिससे यात्रा समय घटकर केवल 28 मिनट तक रह जाएगा. पुणे से हैदराबाद का समय 1 घंटा 55 मिनट और हैदराबाद से बेंगलुरु का समय लगभग 2 घंटे होगा.
ऐसे मार्गों पर कोई भी उड़ान सेवा पर ध्यान नहीं देगा. वहीं ये क्षेत्र विमानन कंपनियों के लिए लगभग समाप्त हो जाएंगे. जो लोग इन कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें अब ये समझ लेना चाहिए कि इन मार्गों पर 99 % यातायात रेलवे से होगा.




