रांची : झारखंड में में मानसून और एनजीटी की संभावित रोक से पहले सरकार ने बालू संकट से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में चार जिलों के कुल आठ बालू घाटों के संचालन के लिए कन्सेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) आवेदनों को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। गोड्डा में सबसे ज्यादा तीन बालू घाटों को मंजूरी मिली है। इसके बाद हजारीबाग और पूर्वी सिंहभूम जिलों में दो-दो बालू घाटों को सीटीओ मिला है। वहीं, राजधानी रांची के एक बालू घाट को भी संचालन की प्रशासनिक अनुमति मिल चुकी है।
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इधर बालू घाटों के संचालन और राजस्व संग्रह को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों के 17 बालू घाटों एवं सैंड डिपॉजिट की लीज डीड पर शनिवार को हस्ताक्षर किए गए। इन जिलों में गोड्डा, जामताड़ा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका और खूंटी जिलों के घाट शामिल हैं।


