न्यूज डेस्क : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सही वक़्त पर अभिषेक को हेलमेट नहीं पहनाया जाता तो उनकी मौत भी हो सकती थी. उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाज़ी और मारपीट की वजह से अभिषेक के सीने और पसलियों के हिस्से में चोट लगी.
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प्रशासन की भूमिका पर सवाल
ममता बनर्जी ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस को इस दौरे की पहले से जानकारी थी. उन्होंने कहा, “पुलिस को अभिषेक के दौरे की पहले से जानकारी थी. इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा फैलाने के लिए बाहरी लोगों को लाया गया था. उन्होंने कहा, “राजनीतिक विरोध का मतलब हिंसा नहीं होना चाहिए. लोकतंत्र में जनता का समर्थन और बहस ही रास्ता होना चाहिए, डर या दबाव नहीं.”
सोनारपुर इलाक़े में हमला
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को सोनारपुर इलाक़े में हमला हुआ. वो यहाँ चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, तभी उन पर हमला हुआ. अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया है, जबकि राज्य में बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ‘पश्चिम बंगाल की जनता में टीएमसी को लेकर आक्रोश है.’


