Thursday, November 5, 2026

ईडी के दुरुपयोग के खिलाफ वामदलों का 29 मई से 1 जून तक राज्यव्यापी प्रदर्शन

रांची : सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य एवं विपक्ष के नेता कॉमरेड पिनराई विजयन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की राजनीतिक प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के खिलाफ वामदल कड़ा विरोध दर्ज करते हैं। पिनराई विजयन के घर पर की गई छापेमारी राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। भाजपा यह भ्रम न पाले कि इन कार्रवाइयों के जरिए वह पिनराई विजयन, उनके आंदोलन या वामपंथ को कमजोर कर सकती है।

पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को हथियार बनाना केंद्र सरकार की नीतिगत प्रवृत्ति बन गई है। इस कदम के खिलाफ मजबूत जनविरोध अवश्य उभरेगा। पिनराई विजयन को निशाना बनाने में भाजपा को कांग्रेस का सहयोग और समर्थन प्राप्त है, इसे भुलाया नहीं जा सकता। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार केरल आकर यह सवाल उठाते रहे कि पिनराई विजयन को ईडी गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है।

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मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन द्वारा प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के ठीक अगले दिन यह कार्रवाई होना भी इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कांग्रेस के समर्थन से भाजपा और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई भी इसी प्रकार की थी। पिनराई विजयन को शारीरिक और राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश कांग्रेस और भाजपा बारी-बारी से करती रही हैं। आपातकाल के दौर से लेकर अब तक उनके खिलाफ हुई अनगिनत राजनीतिक प्रतिशोधात्मक कार्रवाइयों का यह नया अध्याय है।

उन सभी हमलों को परास्त कर आगे बढ़े पिनराई विजयन और उनका आंदोलन इस चुनौती को भी पार करेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं। सीएमआरएल से जुड़े किसी भी मामले की किसी भी रूप में जांच करने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि लगातार की जा रही ये कार्रवाइयाँ राजनीतिक प्रेरणा से संचालित हैं, और इस तथ्य की ओर उच्च न्यायालयों ने भी संकेत किया है। विजिलेंस कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ने इस पर टिप्पणी की है।

दूसरी ओर, आज राज्य मंत्रिमंडल में शामिल दो व्यक्तियों को सीएमआरएल से धन मिलने की पुष्टि स्वयं कंपनी ने की है और उन्होंने इसे स्वीकार भी किया है, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग की ओर सुप्रीम कोर्ट स्वयं कई बार इशारा कर चुका है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों में एक प्रतिशत से भी कम मामलों में सजा होना इस राजनीतिक शिकार की वास्तविकता को उजागर करता है। यही तरीका कांग्रेस के समर्थन से भाजपा अब केरल में वामपक्ष के खिलाफ अपना रही है।

देशभर में देखा गया है कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे कई कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल होकर शरण लेते रहे हैं। हिमंत बिस्वा सरमा, शुभेंदु अधिकारी, अशोक चव्हाण, नवीन जिंदल, कैप्टन अमरिंदर सिंह और दिगंबर कामत से लेकर केंद्रीय एजेंसियों के सामने आए लगभग सभी प्रमुख कांग्रेस नेता भाजपा में चले गए। लेकिन ऐसी धमकियाँ कभी भी वामदलों के सामने सफल नहीं हुईं। संघ परिवार की धमकियों के सामने जान देकर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता वामदलों के पास हैं। और वामदल संघ परिवार के खिलाफ संघर्ष को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ायेगा

पिनराई विजयन के खिलाफ इस हमले को वामदल एक सुनियोजित हमला मानती है। देश भर में बिना किसी औपचारिक आह्वान के हजारों लोग पहले ही सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा चुके हैं। वामदल इस हमले के खिलाफ झारखंड के के सभी वर्गों से आगे आने और पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान करते हैं.

एयर नाऊ स्पेशल

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