प्योंगयांग: नॉर्थ कोरिया में सत्ता का केंद्र एक बार फिर किम जोंग उन के हाथों में आ गया है। उन्हें लगातार तीसरी बार स्टेट अफेयर्स का चीफ नियुक्त किया गया है। इस फैसले के साथ ही देश की नीतियों में बड़े बदलाव के संकेत भी मिले हैं।
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तीसरी बार मिला शीर्ष पद
राजधानी प्योंगयांग में हुई सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की बैठक में किम जोंग उन को फिर से स्टेट अफेयर्स का प्रमुख चुना गया। यह उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है, जिससे उनकी सत्ता और मजबूत हो गई है। बैठक के दौरान देश के समाजवादी संविधान में संशोधन और नए प्रावधान जोड़ने पर भी विचार किया गया। सरकार देश की नीतियों को और सख्त और स्पष्ट बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।
साउथ कोरिया को शत्रु घोषित करने की तैयारी
बैठक में एक अहम प्रस्ताव यह भी था कि साउथ कोरिया को आधिकारिक रूप से शत्रु देश का दर्जा दिया जाए। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव बढ़ सकता है। हाल के वर्षों में किम जोंग उन ने नॉर्थ और साउथ कोरिया के शांतिपूर्ण एकीकरण की पुरानी नीति को छोड़ दिया है। अब वे साउथ कोरिया को विरोधी देश के रूप में देख रहे हैं, जो क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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सरकारी मीडिया ने दी जानकारी
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने दी है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में नॉर्थ कोरिया की नीतियों में और सख्ती देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ सकता है। उत्तर कोरिया के इस नए रुख का असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।


