नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार संसद में विस्तृत बयान दिया। लोकसभा में करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत शांति का पक्षधर है और सभी समस्याओं का समाधान बातचीत से ही संभव है।
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तनाव खत्म करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को जल्द खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है। खेती और खाद्य सुरक्षा पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि देश में पर्याप्त अन्न भंडार मौजूद है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि किसानों को यूरिया सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
ऊर्जा संकट से निपटने की रणनीति तैयार
पीएम मोदी ने कहा कि ऊर्जा किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है और पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा जरूरतों का बड़ा स्रोत है। भारत ने संभावित संकट से बचने के लिए तेल और गैस के आयात को विविध स्रोतों से जोड़ने की रणनीति अपनाई है। सरकार ने बीते वर्षों में कच्चे तेल के भंडारण पर विशेष ध्यान दिया है। वर्तमान में करीब 65 लाख मीट्रिक टन के रिजर्व की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। साथ ही, अलग-अलग देशों से सप्लाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं ताकि देश में तेल और गैस की कमी न हो।
आयात-निर्यात पर नजर रखने के लिए विशेष समूह
सरकार ने एक विशेष समूह बनाया है, जो रोजाना बैठक कर आयात-निर्यात से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा करता है। यह समूह यह सुनिश्चित कर रहा है कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब तक लगभग 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। ईरान से भी करीब 1000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं।
हेल्पलाइन और मिशन के जरिए मदद जारी
प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। भारत और अन्य देशों में 24×7 हेल्पलाइन शुरू की गई है, जिससे जरूरतमंदों को तुरंत सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। इसके अलावा समुद्री जहाजों में भी बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर होते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में शांति भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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संसद से एकजुट संदेश की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि इस संवेदनशील समय में भारत की संसद से एकजुट और स्पष्ट संदेश दुनिया तक जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद कई देशों के नेताओं से बातचीत कर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाने के लिए तैयार है। पीएम ने भरोसा दिलाया कि देश में किसी भी प्रकार की कमी या संकट नहीं आने दिया जाएगा।


