खेल: भारत की दिग्गज तेज महिला गेंदबाज रही पूर्व क्रिकेटर झूलन गोस्वामी ने अपने क्रिकेट करियर, व सचिन तेंदुलकर से जुड़ी यादें और महिला क्रिकेट में आए बदलाव से लेकर साल 2025 में पहली बार महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में मिली जीत पर खुलकर बात की। मैदान पर बेहद आक्रामक नजर आने वाली झूलन ने बताया कि असल जिंदगी में वह काफी शांत और सोचने वाली इंसान है।
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झूलन ने बताया कि 1992 में वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने पहली बार टीवी पर सचिन तेंदुलकर को खेलते हुए देखा था। जिसके बाद भारतीय क्रिकेट में उनकी दिलचस्पी बढ़ी और सचिन उनके आदर्श बन गए। उन्होंने बताया कि वह सचिन के स्टिकर अपनी स्लैम बुक में रखती थीं और हर मैच के बाद उनका बल्लेबाजी औसत तक अपडेट करती थीं। झूलन ने कहा, “मैं सचिन सर की वजह से क्रिकेट से प्यार करने लगी।”
झूलन के मुताबिक, उनके शुरुआती दौर में महिला क्रिकेट के पास सुविधाएं और फंडिंग काफी कम थी और खिलाड़ियों के पास पैसा नहीं था, लेकिन खेल के लिए जुनून जरूर था। उनका मानना है कि WPL, केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट और पुरुषों के बराबर मैच फीस ने महिला क्रिकेट को नई दिशा दी और अब वह युवा खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने और उन्हें भविष्य में भारत के लिए तैयार करने पर काम कर रही है।
भारतीय महिला टीम की 2025 वर्ल्ड कप जीत झूलन के लिए बेहद भावुक पल था। क्योंकि यह सिर्फ एक टीम की जीत नहीं थी, बल्कि उन तमाम महिला क्रिकेटरों की जीत थी जिन्होंने वर्षों तक भारत के वर्ल्ड कप जीतने का इंतजार किया था। झूलन ने हारमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और पूरी टीम को श्रेय देते हुए कहा कि उन्होनें ने इस ऐतिहासिक जीत की नींव तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई।
झूलन ने बताया की मैदान के बाहर वह स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेती हैं और उनका मानना है कि खेल बच्चों को सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाता, बल्कि उन्हें मानसिक और सामाजिक तौर पर भी बेहतर इंसान बनाता है।

