Rewti Raman
पलामू : जिले में डैम, नदी और कुएं से शव मिलने तथा डूबने से मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. जुलाई से अक्टूबर तक जिले के अलग-अलग इलाकों में कई लोगों की जान गई. कहीं डैम में शव मिला, कहीं विसर्जन के दौरान लोग गहरे पानी में चले गए, तो कहीं नदी में नहाने के दौरान बच्चों और युवकों की मौत हुई. घटनाओं की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, लेकिन जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा और निगरानी का सवाल लगातार उठ रहा है.
Highlights:
जुलाई : इरगू गांव के डैम में मिला बुजुर्ग का शव
8 जुलाई को पांकी थाना क्षेत्र के रतनपुर अंतर्गत इरगू गांव के पास स्थित डैम से बंधु उरांव का शव बरामद हुआ था.पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया. उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई.हालांकि इसके अलावा कोई बड़ी घटना इस माह सामने नहीं आई.इसके बाद के महीने में लगातार अलग-अलग मामले आते रहे.
अगस्त : देवगन और बराखाड़ डैम में मौत के मामले
अगस्त में देवगन डैम के पास धर्मेंद्र राम की मौत का मामला सामने आया. दोस्तों के बीच मछली बांटने को लेकर विवाद के बाद धक्का देने का आरोप लगा. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. वहीं नौडीहा बाजार प्रखंड के बराखाड़ डैम में मछली पकड़ने गए महेंद्र सिंह की डूबने से मौत हुई. परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना दुर्घटना होने की बात सामने आई.
सितंबर : कोयल नदी में पांच की मौत, जिंजोई नदी में किशोरी डूबी
सितंबर में चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया-पतरिया गांव के पास कोयल नदी में कर्मा पूजा की सामग्री विसर्जित करने के दौरान पांच लोग डूब गए. मृतकों में नितीश कुमार सिंह (18), अमित कुमार ठाकुर (22), राजा सिंह (12), विशाल पासवान (16) और हेमंत कुमार सिंह (8) शामिल थे. बताया गया कि एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में सभी गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए.
23 सितंबर को पाटन थाना क्षेत्र के नानी झरिया (हिसराबरवाडीह) गांव के पास जिंजोई नदी में करम डाल विसर्जन के दौरान तीन लड़कियां गहरे पानी में चली गईं. ग्रामीणों ने दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक किशोरी की डूबने से मौत हो गई.
अक्टूबर : नदी, डैम और कुएं में डूब कर मौत का सिलसिला जारी
अक्टूबर में नौडीहा बाजार के हड़ियाही डैम में 16 वर्षीय सरिता कुमारी की डूबने से मौत हुई. 21 अक्टूबर को नदी में स्नान के दौरान 18 वर्षीय युवक की जान गई, जबकि 22 अक्टूबर को मेदिनीनगर के कांदू मोहल्ला के पास नदी में नहाने गए 10 और 11 साल के दो बच्चे डूब गए.
हुसैनाबाद के पटरा कला गांव में खेत की सिंचाई करने गए किसान अंबेडकर कुमार पासवान का शव कुएं से मिला. इसी क्षेत्र में नावाडीह गांव के 65 वर्षीय बुजुर्ग की ठेंगो के पास करारबार नदी डैम में डूबने से मौत हुई. 28 अक्टूबर को नौडीहा बाजार के बटाने डैम में मड़वा पंचायत निवासी ललन भुइयां का शव मिला. परिजनों के अनुसार, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. इससे पहले भी इसी डैम में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना सामने आई थी.
सुरक्षा और जांच दोनों जरूरी
जुलाई से अक्टूबर तक सामने आए मामलों में दुर्घटना, डूबने और कथित विवाद से जुड़ी अलग-अलग परिस्थितियां हैं. इसलिए हर घटना में मौत के कारणों की जांच अहम है. लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच डैम, नदी और कुओं के आसपास चेतावनी बोर्ड, निगरानी, जागरूकता और जरूरत के अनुसार बचाव संसाधनों की व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है. इससे खतरनाक स्थानों पर जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है.

