वॉशिंगटन डीसी: मध्य पूर्व में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक पाकिस्तानी कंटेनर जहाज को रोककर सख्त संदेश दिया है कि बिना अनुमति कोई भी जहाज इस अहम मार्ग से नहीं गुजर सकता। यह जहाज शारजाह एंकरिज से रवाना हुआ था और पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा था।
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बिना अनुमति प्रवेश पर कार्रवाई
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, जहाज ने पहले से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी और कानूनी प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहा था। इसी कारण उसे रोककर वापस भेज दिया गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नेवी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। रियर एडमिरल अलीरेज़ा तांगसिरी ने कहा कि अब हर जहाज को इस मार्ग से गुजरने से पहले ईरानी समुद्री अधिकारियों से समन्वय करना होगा।
AIS डेटा में दिखा रूट बदलना
AIS ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, जहाज जैसे ही होर्मुज के पास पहुंचा, उसने अपना रास्ता बदल लिया और वापस खाड़ी की दिशा में लौट गया। इससे साफ है कि ईरान की चेतावनी का तत्काल असर हुआ। SELEN एक छोटा फीडर कंटेनरशिप है, जो सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे के तहत संचालित होता है। इसे दुबई स्थित कंपनी एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग LLC द्वारा चलाया जा रहा है। ईरान ने जहाज को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना वापस भेज दिया। हालांकि, इस घटना को वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की पेशकश की है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे के समाधान के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है।
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अमेरिका की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रम्प ने शरीफ के बयान को सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन अमेरिका की ओर से इस बातचीत में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं ईरान ने अब तक किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की है और अपने सख्त रुख पर कायम है। इससे क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां बढ़ती सख्ती और तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है।


