हजारीबाग: हजारीबाग के पूर्व डीसी और निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान विनय चौबे के अधिवक्ता ने एसीबी के जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
Highlights:
जमानत याचिका पर अगली सुनवाई
अधिवक्ता की मांग को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तारीख निर्धारित कर दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था।
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क्या है पूरा मामला?
विनय चौबे पर आरोप है कि उन्होंने हजारीबाग के डीसी रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध खरीद-बिक्री में भूमिका निभाई। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पिछले वर्ष अगस्त में प्राथमिकी दर्ज की थी। एसीबी ने इस मामले में कांड संख्या 9/2025 के तहत केस दर्ज कर जांच पूरी करते हुए विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


