नई दिल्ली: राज्यसभा में एक बार फिर हरिवंश नारायण सिंह को उपसभापति चुना गया है। शुक्रवार को हुए चुनाव में उन्हें लगातार तीसरी बार निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया, क्योंकि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया। हरिवंश के समर्थन में पहला प्रस्ताव राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने पेश किया। वहीं दूसरा प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से दिया गया। इसके अलावा अन्य प्रस्ताव भी उनके पक्ष में आए, जिससे उनका चयन आसान हो गया।
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पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सदन को उन पर गहरा विश्वास है। उन्होंने यह भी कहा कि हरिवंश ने अपने अनुभव से सदन को लाभ पहुंचाया और सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की।
बता दें कि पिथले दिनों राष्ट्रपति द्वारा उन्हें मनोनीत सदस्य के रूप में राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद राज्यसभा में खाली हुई सीट पर उनका मनोनयन किया गया। राज्यसभा में कुल 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है, जिन्हें कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के आधार पर चुना जाता है।
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2032 तक रहेगा कार्यकाल
69 वर्षीय हरिवंश नारायण सिंह अब 2032 तक राज्यसभा के सदस्य रहेंगे। हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था। इस बार उनकी पार्टी जेडीयू ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया था। हरिवंश पहली बार 2016 में राज्यसभा सांसद बने थे और 2018 में राज्यसभा के उपसभापति बने थे। इसके बाद 2020 में उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा गया।
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