रांची : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पांच श्रेणियों के मतदाताओं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है, जिन्होंने इन्यूमरेशन प्रपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं तथा जिनके नाम दोहरी प्रविष्टि में पाए गए हैं, उन्हें एसआईआर की सूची से बाहर रखा जाएगा।
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इन चार श्रेणियों वाले हटेंगे नाम
ये सभी नाम एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि एवं मृतक) सूची में शामिल किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है, ताकि केवल पात्र और सक्रिय मतदाताओं के नाम ही सूची में बने रहें।
इधर, विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर 25 जून को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक में एसआईआर की प्रगति, प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
30 जून से घर घर
वहीं, 30 जून से राज्यभर में घर-घर जाकर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। इस दौरान बूथ स्तरीय पदाधिकारी प्रत्येक मतदाता के घर पहुंचकर सत्यापन, मैपिंग और आवश्यक जानकारियों का संकलन करेंगे। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
SIR को गंभीरता से लें अधिकारी
इधर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने एसआईआर से जुड़े सभी कर्मियों व अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेने की अपील की है. सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्यों को गंभीरता से लें पदाधिकारी, एसआईआर के लिए दिए गए ट्रेनिंग मैटेरियल के प्रत्येक बिंदुओं का गहन अध्ययन करें, बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाईजर को ट्रेनिंग देते समय उनके सभी शंकाओं का समाधान करें.”




