नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़े पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिाकर्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “भारत के ‘छात्रों की गूँज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुँच गई। ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई। ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है।”
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आगे उन्होंने लिखा, “ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है। ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज़ उठाई। अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी माँगने की और जिन्होंने उनपर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है, उनपर कठोर कार्यवाही करने की।”
इस्तीफ़े पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया में कहा गया, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है, भारत के GEN Z की जीत है। ये जीत उन करोड़ों युवाओं की है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवाज बुलंद की। युवाओं के सत्य के सामने नरेंद्र मोदी का घमंड टूटा है, उनके झूठ की हार हुई है। युवाओं ने एक अयोग्य और भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।”
कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर आगे लिखा गया, “NEET पेपर लीक होने के पहले दिन से ही नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक युवाओं को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे हैं। ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी – जब तक शिक्षा व्यवस्था सुधर नहीं जाती। नरेंद्र मोदी को हमारे युवाओं पर लाठी चलवाने, पैलेट गन से हमला करने के लिए माफी मांगनी ही होगी।”
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा
इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया है कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री को भेजा है, हालांकि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार होना बाक़ी है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताक़तें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य क़ानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फ़ोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.”


