Saturday, July 25, 2026

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफ़ा, प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में किया जिक्र, सीजेपी ने कहा- ‘हमने कर दिखाया’

नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया है कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री को भेजा है, हालांकि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार होना बाक़ी है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.”

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पत्र पोस्ट कर दी जानकारी

धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर अपने संदेश का एक पत्र पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, “मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है.”

“मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.”

नीट पेपर लीक के मामले पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे.”

“परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ.”

उन्होंने लिखा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.”

हमने कर दिखाया

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि “हमने कर दिखाया. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है.” अभिजीत दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं, अगर आप इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफ़ा दिलवा सकते हैं. लोकतंत्र में डरने की जरूरत नहीं है.”

एक महीने से प्रदर्शन

उनके ख़िलाफ़ क़रीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा है. नीट पेपर लीक के मामले पर देशभर में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग में प्रदर्शन चल रहे थे. इससे पहले कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी उनके इस्तीफ़े की मांग पर अड़े थे. केंद्र सरकार पर दबाव न केवन जंतर-मंतर के आंदोलन की वजह से दिख रहा था, बल्कि देश के कई हिस्सों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को लेकर युवा सड़कों पर उतर गए. इसके अलावा संसद के अंदर और बाहर भी विपक्षी दल शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए थे.

राहुल गांधी का दावा

इससे पहले लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी अन्य मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है. राहुल गांधी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “कुछ चर्चा चल रही है. आजकल हमें सरकार के अंदर से भी जानकारी मिलती रहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में इस बात पर चर्चा है कि समाधान यह है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेज दिया जाए.”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन यह भारत के छात्रों को स्वीकार नहीं है. धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए.” राहुल गांधी ने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं, नरेंद्र मोदी भारत के अतीत हैं, अतीत कभी भविष्य से लड़ नहीं सकता.

इससे पहले पीएम मोदी पर तंज कसते हुए एक्स पर उन्होंने लिखा, “मेट्रो बंद करो. रास्ते बंद करो. दुकानें बंद करो. इंटरनेट बंद करो. खाना बंद करो. अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए.” राहुल गांधी ने लिखा, “बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी- पेपर लीक.”

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