नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लोकतंत्र की जीत बताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “यह लोकतंत्र की जीत है, लोकतंत्र की जीत, जो सीधे सड़कों से आई है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और देश की ‘जेन ज़ी’ को बधाई.” उन्होंने लिखा, “साथ ही, उन सभी नागरिकों का भी धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई.” उन्होंने आखिर में लिखा, “जवाबदेही से अब सुधार की ओर.”
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सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर 26 दिनों तक अनशन किया. 28 जून को उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी के मंच से अनशन शुरू किया था. गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनका अनशन तुड़वाया. वह लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.
इस्तीफ़े पर सीजेपी का बयान
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि “हमने कर दिखाया. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है.” अभिजीत दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं, अगर आप इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफ़ा दिलवा सकते हैं. लोकतंत्र में डरने की ज़रूरत नहीं है.”


