न्यूज डेस्क: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने गहरा रोष व्यक्त किया और इसकी कड़ी निंदा की. उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि एक स्वस्थ और प्रगतिशील लोकतंत्र में हिंसा, डर और हमलों के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता. इसके साथ ही उन्होंने इस हरकत की आलोचना करते हुए मांग की है कि घटना में संलिप्त दोषियों के खिलाफ अविलंब और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएं.
Highlights:
सीएम ने एक्स पर लिखा
सीएम हेमंत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा किया. जिसमें लिखा कि सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुआ यह हमला अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है. किसी भी जीवंत लोकतंत्र में अलग-अलग दलों और नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद होना पूरी तरह से स्वाभाविक और स्वागत योग्य है, लेकिन राजनीतिक विरोध या प्रतिद्वंद्विता का जवाब कभी भी हिंसा, डर का माहौल बनाने या बल प्रयोग के जरिए नहीं दिया जाना चाहिए.
इसे भी पढ़े: अयोध्या से करोड़ों की लागत में तैयार होगा राम-जानकी मार्ग, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें
उन्होंने इस पर विशेष जोर दिया और कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार के राजनीतिक मतभेदों, विवादों और समस्याओं के समाधान का एकमात्र माध्यम केवल तर्क, स्वस्थ संवाद और जनमत होते हैं. इस तरह की हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन को बिना किसी ढिलाई के कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. ताकि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा अक्षुण्ण बनी रहे. वहीं मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि लोकतंत्र कभी भी हिंसा की बुनियाद पर खड़ा नहीं हो सकता, बल्कि यह केवल आपसी संवाद, सहिष्णुता और एक-दूसरे के प्रति पारस्परिक सम्मान की भावना से मजबूत और दीर्घायु बनता है.
सीएम के पोस्ट पर अभिषेक ने लिखा
मुख्यमंत्री हेमंत के इस पोस्ट पर अभिषेक बनर्जी ने जवाब देते हुए, उन्होंने सीएम हेमंत का आभार जताया और सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि उनका समर्थन उन्हें इस तरह की धमकियों और हिंसा के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की ताकत देता है. फिर आगे लिखा कि कल का हमला विपक्ष को डराने के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित और केंद्र सरकार द्वारा समर्थित साजिश के सभी लक्षण दिखाता है.
जब हिंसा सबके सामने हो और प्रशासन मूक दर्शक बना रहता है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं रह जाती, बल्कि लोकतंत्र पर जानबूझकर किया गया हमला बन जाता है. इसके साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में इस हमले से नहीं डरने की बात कही और लिखा कि हम जनता के साथ खड़े रहेंगे. वहीं एक ऐसे भारत के लिए लड़ेंगे जहां लोकतंत्र भय और हिंसा पर विजय प्राप्त हो सकें.


