Wednesday, June 3, 2026

अयोध्या से करोड़ों की लागत में तैयार होगा राम-जानकी मार्ग, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

न्यूज डेस्क: अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने वाली है. जिसे लेकर अयोध्या से नेपाल के जनकपुर तक बनने वाला राम-जानकी फोरलेन मार्ग का काम तेजी से बढ़ रहा है. जिससे श्रद्धालु कम समय में राम और माता सीता से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे. यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण से लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि तक बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है.

सीतामढ़ी को माता सीता की जन्मस्थल और जनकपुर उनका मायका विवाह स्थल है. एक ही मार्ग से श्रद्धालु अयोध्या, सीतामढ़ी और जनकपुर की यात्रा धार्मिक सर्किट पर आसानी से कर सकेंगे. जिससे भारत और नेपाल के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत होंगे.

14-15 घंटे की यात्रा 6 घंटे में पूरी होगी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम की बारात अयोध्या से होकर जनकपुर इस रास्ते से गई थी. जिस कारण से इस मार्ग का विशेष धार्मिक महत्व है. वहीं इस ऐतिहासिक रास्ते को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि रामायण सर्किट को नई मजबूती मिले और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़े. अयोध्या से जनकपुर की दूरी लगभग 459 किलोमीटर है. जिससे वहां तक पहुंचने में करीब 14-15 घंटे लगते हैं. राम-जानकी फोरलेन के निमार्ण के बाद ये दूरी घटकर करीब 369 किलोमीटर होगी. जिससे यात्री लगभग 5-6 घंटे में अपनी यात्रा पूरी करेंगे.

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करोड़ों की लागत से तैयार होगा राम-जानकी मार्ग 

जानकारी के अनुसार, राम-जानकी मार्ग की कुल लंबाई लगभग 240 किलोमीटर होगी. वहीं इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 6155 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वह इस परियोजना को 2027 तक पूरा कर ले. जिसके बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी.

इसके साथ ही यातायात को सुचारु बनाने के लिए परियोजना में कई बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं. जैसे मार्ग पर सीवान, तरवारा, बसंतपुर और मशरख में बाईपास होगे. इसके अलावा 1 बड़ा पुल, 14 छोटे पुल, 15 अंडरपास, 1 रेलवे ओवरब्रिज और 2 ग्रेड सेपरेटर का  निर्माण होगा. इन सभी सुविधाओं से जाम की समस्या कम होगी. जिससे सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा.

लोगों के लिए रोजगार का नया अवसर

यह फोरलेन सड़क अयोध्या से शुरू होकर उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा, सिवान, सारण, मशरख, शिवहर और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल के जनकपुर तक जाएगी. जिससे बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. वहीं व्यापार, पर्यटन और परिवहन क्षेत्र को बड़ा फायदा मिल सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क निमार्ण के बाद आसपास के इलाकों में होटल, ट्रांसपोर्ट, व्यापार और अन्य व्यवसाय तेजी से विकसित होंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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