न्यूज डेस्क : 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को आयोग द्वारा नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसमें कांग्रेस के तीन कैंडिडेट समेत कुल 18 नामांकन खारिज किए गए। कांग्रेस के तीन कैंडिडेट के नामांकन रद्द होने से पार्टी को दो सीटों पर झटका लगा है। इसमें सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की सीट जालुकबारी भी शामिल है। आयोग के फैसले से कांग्रेस को वोटिंग से पहले झटका लगा है।
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नामांकन खारिज करने के कारण नहीं
चुनाव आयोग के अनुसार जिन तीन कांग्रेसी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज हुए, उसमें आनंद नराह (धकुआखाना), निर्मल लंगथासा (हाफलोंग) और बिदिशा नियोग (जालुकबारी) शामिल हैं। हाफलोंग सीट से कांग्रेस में अंतिम वक्त पर शामिल हुई कैबिनेट मंत्री रहीं नंदिता गर्लोसा का पर्चा स्वीकार किया गया है। ऐसे में कांग्रेस को दो सीटों पर झटका लगा है। आयोग ने नामांकन खारिज करने के कारण नहीं बताए हैं। असम की 126 सीटों के लिए कुल 1388 नामांकन पत्र मिले। ये नामांकन पत्र 817 उम्मीदवारों ने दाखिल किए थे।
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अन्य दलों के नेताओं के नामांकन भी रद्द
इसके अलावा, अब तक जिन अन्य उम्मीदवारों का नामांकन खारिज किया गया है, उनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के तीन-तीन उम्मीदवार, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) और अपनी जनता पार्टी के एक-एक उम्मीदवार और आठ स्वतंत्र उम्मीदवार शामिल हैं।
100 से अधिक सीटों पर लड़ रही कांग्रेस
असम में कांग्रेस ने 100 से अधिक कैंडिडेट खड़े किए हैं। पार्टी ने राजगोर दल के साथ-साथ कुल छह दलों से गठबंधन किया है। इसमें असम जातीय परिषद, सीपीआई (एम), ऑल पार्टी हिल लीडर कांफ्रेंस, सीपीआई (एमएल) शामिल हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी तीन क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ रही है। हालांकि कांग्रेस की झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से बातचीत फेल रही थी। हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली जेएमएम राज्य में अकेले लड़ रही है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब 26 मार्च तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।


