झारखंड : भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने छवि रंजन को जमानत दे दी है। छवि रंजन रांची के पूर्व उपायुक्त (DC) रह चुके हैं और उन पर रांची में सेना की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल होने का आरोप है। कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत का आदेश दिया है। छवि रंजन को मई 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। वे तब से न्यायिक हिरासत में थे।
निचली अदालतों में याचिका हो चुकी थी खारिज
इससे पहले छवि रंजन की जमानत याचिका झारखंड उच्च न्यायालय और विशेष PMLA कोर्ट में खारिज हो चुकी थी। 6 अगस्त को हाईकोर्ट ने उनकी बेल याचिका को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस पर पुनर्विचार करते हुए उन्हें राहत दी है।
सेना की जमीन की अवैध बिक्री का मामला
यह पूरा मामला बड़गाईं अंचल के बरियातु इलाके में स्थित सेना की जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी और सेना की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने और रजिस्ट्री कराने का काम किया गया। इस मामले में कई अधिकारी और कारोबारी आरोपी हैं।
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इन लोगों पर भी है आरोप
इस मामले में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें कारोबारी विष्णु अग्रवाल, राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, जमीन कारोबारी प्रदीप बागची, अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम, अमित अग्रवाल और दिलीप घोष शामिल हैं। ED ने सभी पर मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।
अगली सुनवाई में तय होंगे आगे के कदम
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब छवि रंजन जेल से बाहर आ सकेंगे। हालांकि जांच और मुकदमा जारी रहेगा। ED ने कहा है कि वह आगे भी इस मामले में सबूत अदालत में पेश करेगी। इस फैसले को झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।


