अमरावती: आंध्र प्रदेश विधानसभा में राज्य की राजधानी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से कानूनी मान्यता देने की मांग की है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा विधानसभा में पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि अमरावती को एक आधुनिक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करना राज्य के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
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ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकास पर जोर
प्रस्ताव में कहा गया है कि अमरावती को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राज्य के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा मिलेगी। विधानसभा में पारित प्रस्ताव में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 का भी उल्लेख किया गया। इस अधिनियम के तहत 2014 में राज्य अलग होकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना बने थे। अलग होते समय यह तय हुआ था कि हैदराबाद को 10 वर्षों तक दोनों राज्यों की साझा राजधानी बनाया जाएगा। इस अवधि में आंध्र प्रदेश को अपनी नई राजधानी विकसित करनी थी।
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अब विधानसभा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि अमरावती को आधिकारीक रूप से राजधानी घोषित करने के लिए आवश्यक कानूनी मान्यता दी जाए, ताकि विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इस प्रस्ताव को राज्य के विकास और प्रशासनिक मजबूती के लिए अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि अमरावती के विकसित होने से निवेश, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।


