Wednesday, May 13, 2026

रिम्स जमीन घोटाला मामले में ACB ने हाई कोर्ट में दाखिल किया जवाब, 14 मई को अगली सुनवाई

राँची: झारखंड की राजधानी के चर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में कानूनी सरगर्मी तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। गौरतलब है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राजेश झा और चेतन बड़ाईक ने नियमित जमानत के लिए अदालत से गुहार लगाई है। वहीं, इसी मामले की एक अन्य आरोपी सुमित्रा कुमारी बड़ाईक ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। एसीबी ने इन सभी याचिकाओं पर अपना पक्ष रखते हुए कड़ा विरोध जताया है, जिसके बाद अब कोर्ट इन सभी पर एक साथ सुनवाई करेगा।

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क्या है रिम्स जमीन घोटाला?

यह पूरा मामला रांची में रिम्स के लिए अधिग्रहित की गई कीमती सरकारी जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन को निजी संपत्ति की तरह दिखाया गया और फिर उसकी खरीद-बिक्री कर दी गई। बाद में इस जमीन पर अपार्टमेंट, दुकानें और अन्य निर्माण भी खड़े कर दिए गए। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस पूरे मामले की जांच ACB को सौंपी गई थी। इस मामले में ACB पहले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसीबी का दावा है कि यह केवल जमीन कब्जाने का मामला नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का एक बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है। जांच का दायरा अब उन दफ्तरों तक भी पहुंच चुका है जहां से इन फर्जी दस्तावेजों को हरी झंडी मिली थी। फिलहाल सबकी नजरें 14 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आरोपियों को सलाखों के पीछे ही रहना होगा या उन्हें कोई राहत मिलेगी।

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