रांची: केंद्र सरकार द्वारा MMDR Act में किये गये संशोधन से झारखंड को लगभग 14,000 करोड़ रुपये का प्रति वर्ष नुकसान होगा. इससे राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होंगी. झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के पिछले दिनों राजस्व की समीक्षा बैठक में आए तथ्यों के आधार पर यह आकलन होने की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री लक्ष्य के मुकाबले कम राजस्व वसूली होने पर अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की. इसके अलावा राजस्व की चोरी रोकने और बकाया वसूलने के लिए कार्रवाई करने का भी निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिया. साथ ही राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी दी.
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वित्तमंत्री ने राज्य में वित्तीय वर्ष में अब तक 41% के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 34.05% की राजस्व वसूली होने पर नाराजगी जतायी. केंद्र सरकार के MMDR Act में किये गये संशोधन की वजह से सेस के मद में संभावित 14,000 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन करते हुए उन्होंने इसके कारण चालू वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावित होने का भी संकेत दिया.
केंद्र सरकार द्वारा GST दरों में किये गये बदलाव की वजह से भी राज्य को करीब 400 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान किया गया. इसके अलावा VB-G-RAM-G योजना के लागू होने और मनरेगा के मुकाबले केंद्र द्वारा अपनी हिस्सेदारी कम करने की वजह से राज्य पर अतिरिक्त 400 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान किया गया.
उन्होंने Mines, Real Estate, Jwellery, Cement, Transport, Scrap Trading कारोबार पर नजर रखने का निर्देश दिया. साथ ही वास्तविक व्यापार के मुकाबले कम का रिटर्न दाखिल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने विभागीय अधिकारियों से टैक्स की चोरी रोकने, बकाया वसूलने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके अलावा खनिजों के अवैध परिवहन से GST के रूप में होने वाले नुकसान के मद्देनजर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.


