नई दिल्ली : लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा करते हुए मंगलवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 21 बच्चों ने अपनी जान दे दी, उन्होंने आत्महत्या की. लेकिन जब वे इस्तीफ़ा देने के बाद संसद परिसर में आए तो बीजेपी सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों.” बता दें कि सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, तो बीजेपी सांसदों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया था.
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सिर्फ़ दिखावे का बिल

गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. उन्होंने परीक्षा से जुड़े बिल पर कहा, “ये बिल सिर्फ़ दिखावे का बिल है. सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और सुधार नहीं लाना चाहती है.” गौरव गोगोई ने पूछा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का आदेश किसने दिया, सरकार को जवाब देना चाहिए.
गोगोई ने कहा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बार-बार कहा कि प्रधान तो सिर्फ़ एक मुखौटा हैं. हमें और बच्चों को इसका भरोसा नहीं है कि उनके हटने से शिक्षा में सुधार आएगा. बच्चे क्या करें. उनके पास पैसे नहीं है कि 30-30 लाख में पैसे खरीद सकें. वे नाराज़ हैं. जब वे लड़ नहीं पाते तो आत्महत्या कर लेते हैं.”
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा

इधर धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर बीजेपी सांसदों के जोरदार स्वागत के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर यह स्वागत किस बात के लिए किया गया. सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे तो बीजेपी सांसद उनके जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे. किस बात का जिंदाबाद? वे किस बात का जश्न मना रहे हैं? 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, अभी तक पीड़ितों को मुआवजा भी नहीं मिला है, हालांकि सरकार ने आश्वासन जरूर दिया है.”
राहुल गांधी ने कहा था

इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी तस्वीर साझा करते हुए एक्स पर पोस्ट में लिखा, “धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे। उसी व्यवस्था ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया। इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं – युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा। और आज उसी व्यक्ति को संसद में बीजेपी माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं – लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है। देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।”


