नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान गिरफ़्तार या हिरासत में लिए गए उन विद्यार्थियों को तुरंत रिहा कर दिया जाए जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है. लाइव लॉ के मुताबिक़ कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों के आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है.
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सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि जांच से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी सबूत सुरक्षित रखे जाएं. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार दर्ज एफआईआर की जांच जारी रख सकती है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों के ख़िलाफ़ कोई दंडात्मक या ज़बरदस्ती की कार्रवाई नहीं की जाएगी. अदालत ने साफ़ किया कि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के ख़िलाफ़ कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन यह राहत उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है.


