जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित डिमना लेक में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टर डूब गए। उनके साथ मौजूद तीसरे डॉक्टर ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही बोड़ाम थाना पुलिस, प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों डॉक्टरों के शव तालाब से बाहर निकाल लिए गए।
Highlights:
इसे भी पढ़ें: झारखंड के आशीष कुमार दास होंगे इंफोसिस के नए सीईओ, 1 अप्रैल से संभालेंगे नई जिम्मेदारी
तीन डॉक्टर पहुंचे थे डिमना लेक
मिली जानकारी के अनुसार एमजीएम मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर—समीर, यश और सक्षम—डिमना लेक पहुंचे थे। इसी दौरान वे प्रतिबंधित तालाब की ओर चले गए। बताया जाता है कि एक डॉक्टर का मोबाइल फोन पानी में गिर गया। उसे निकालने के प्रयास में तीनों गहरे पानी में उतर गए। अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों डूबने लगे। इनमें यश किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि समीर और सक्षम गहरे पानी में समा गए।
पलामू का रहने वाला था सक्षम
बताया जा रहा है कि सक्षम पलामू के डालटनगंज के निवासी थे, जबकि समीर जमशेदपुर के काशीडीह और यश सोनारी के रहने वाले हैं। तीनों एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों डॉक्टरों के शव तालाब से बाहर निकाल लिए गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।


