नई दिल्ली : जंतर मंतर पर जारी सीजेपी प्रोटेस्ट पर दिल्ली विश्वविद्यालय के बाद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी अपने छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी है. सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में जेएनयू कीन ओर से कहा गया कि कृपया सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम लें.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी का सर्कुलर, कांग्रेस सांसद दीपेंदर हुड्डा ने कहा, ‘शर्म आनी चाहिए’
एडवाइजरी में जेएनयू की सलाह
अपनी एडवाइजरी में JNU ने लिखा कि एपिस्टेमिक कम्युनिटी के सभी स्टेकहोल्डर्स को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम करें और अपनी पर्सनल सेफ्टी को प्रायोरिटी दें. पब्लिक डेमोंस्ट्रेशन पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के आदेश के अनुसार, आपसे रिक्वेस्ट है कि आप जंतर-मंतर, नई दिल्ली में या उसके आसपास होने वाली सभाओं में हिस्सा लेने या जाने से बचें.
पोस्ट में आगे लिखा कि अपने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम करें. उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत और यूनिवर्सिटी के कोड ऑफ कंडक्ट के जरिए अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. आपको अकादमिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी पर भड़के राहुल गांधी
इधर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के उस निर्देश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें स्टूडेंट्स से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन से दूर रहने को कहा गया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ”लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने पर छात्रों को धमकाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? याद रखिए, समय आने पर आपको ही इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.”
दिल्ली विश्वविद्यालय की एडवाइजरी
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने स्टूडेंट्स को निर्देश देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा , ”आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सख़्ती से रेगुलेटेड है, कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकते हैं. ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर ख़तरा हो सकता है.”
अपने निर्देश में दिल्ली विश्वविद्यालय ने ”साथ ही, इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसलिए सभी स्टूडेंट्स से आग्रह है कि वे जंतर-मंतर से दूर रहें, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और कानून का पालन करें.”


